ज्ञानवापी का मामला बहुत नाजुक है। ये सही है कि व्यास जी के तहखाने में 1993 तक पूजा होती थी। ये भी सही है कि कोर्ट ने उसी परंपरा को बहाल किया है। ये फैसला अदालत का है, ये किसी राजनीतिक दल या सरकार का फैसला नहीं है।
ESTD.2007
ज्ञानवापी का मामला बहुत नाजुक है। ये सही है कि व्यास जी के तहखाने में 1993 तक पूजा होती थी। ये भी सही है कि कोर्ट ने उसी परंपरा को बहाल किया है। ये फैसला अदालत का है, ये किसी राजनीतिक दल या सरकार का फैसला नहीं है।