हिमाचल प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोमवार को धर्मशाला में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के बीच चल रही तनातनी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि अराजकता का माहौल बन गया है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस तंत्र पर से पूरी तरह से नियंत्रण खो चुकी है और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने शिमला एसपी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को पुलिस महकमे के भीतर गंभीर आंतरिक संघर्ष का प्रमाण बताया। डीजीपी पर गंभीर आरोप, कई जांचों में अनियमितता भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एसपी शिमला द्वारा बुलाई गई प्रेसवार्ता में न केवल डीजीपी पर गंभीर आरोप लगाए गए, बल्कि मुख्य सचिव, पूर्व डीजीपी और कई वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण पर भी सवाल उठाए गए। यह केवल एक मामले की बात नहीं है, बल्कि कई जांचों में अनियमितताओं की ओर इशारा करता है। विमल नेगी मौत मामला, सरकार पर आरोप डॉ. बिंदल ने बहुचर्चित विमल नेगी मौत मामले को लेकर सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसपी द्वारा उठाए गए सवालों से मामले की गहराई और रहस्य और भी बढ़ गया है। उन्होंने पूछा कि जनता के सामने स्पष्टता की बजाय, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई चल रही है। ऐसे में आम लोग किस पर भरोसा करें। सच्चाई को दबाने की कोशिश डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब हाईकोर्ट को सीबीआई जांच के आदेश देने पड़े, तो यह राज्य सरकार की विफलता को दर्शाता है। अब वही सरकार सार्वजनिक तौर पर तो कहती है कि वह कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगी, लेकिन पर्दे के पीछे जनहित याचिका का समर्थन कर रही है। आखिर सरकार क्या छिपाना चाहती है। ड्रग माफिया से संबंध का दावा डॉ. बिंदल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिमला एसपी द्वारा किए गए खुलासों का हवाला देते हुए नशा माफिया और पुलिस के उच्चाधिकारियों के बीच गठजोड़ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “अगर पुलिस विभाग में ही ऐसे लोग हैं जो ड्रग माफिया को संरक्षण दे रहे हैं, तो आम जनता न्याय के लिए किसके पास जाएगी? यह बेहद चिंताजनक और खतरनाक स्थिति है। प्रदेश में बढ़ रहा अपराध, जवाबदेही गायब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में हत्या, बलात्कार और फायरिंग जैसी घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल खुद अंदर से बिखर रहा है। जवाबदेही का अभाव है, समन्वय नहीं है और ऐसा लग रहा है जैसे विभाग के भीतर ही संघर्ष छिड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री मूक दर्शक नहीं, सीधे जिम्मेदार डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग है, ऐसे में वे जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा, “यह सब कुछ उनकी नाक के नीचे हो रहा है। वे केवल मूक दर्शक नहीं हैं, बल्कि इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार भी हैं। वर्तमान स्थिति अभूतपूर्व, सरकार भ्रम फैलाना बंद करे डॉ. बिंदल ने हिमाचल में मौजूदा हालात को ‘अभूतपूर्व’ बताया और कहा कि इससे पहले कभी पुलिस विभाग इतना बंटा हुआ नहीं दिखा। विमल नेगी की मौत जैसे गंभीर मामले को गोपनीयता और कुप्रबंधन के साथ नहीं संभाला जाना चाहिए था। भाजपा अध्यक्ष ने सरकार से आग्रह किया कि वह भ्रम फैलाना बंद करे और हाईकोर्ट के आदेशों का अक्षरशः पालन करे। उन्होंने चेतावनी दी, कि अगर सबूतों से छेड़छाड़ या सच्चाई को पटरी से उतारने की कोई भी कोशिश की गई, तो यह जनहित पर सीधा हमला होगा। भाजपा करेगी आंदोलन सूत्रों के अनुसार भाजपा इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है। पार्टी नेतृत्व 28 मई को राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की योजना है।