मंडी के उपायुक्त (डीसी) अपूर्व देवगन ने शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट्स में से 32 का सुधार पिछले साल पूरा हो चुका है। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। लोक निर्माण विभाग को स्पीड लिमिट बोर्ड और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर चालकों की आंखों की जांच के लिए शिविर लगाने को कहा गया। अवैध रेहड़ियों को हटाने का आदेश एनएचएआई को फोरलेन सड़क पर एम्बुलेंस की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फोरलेन के किनारे लगी अवैध रेहड़ियों को हटाने का आदेश दिया गया। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग को वार्षिक सड़क सुरक्षा कार्य योजना बनाने को कहा गया। उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। बैठक में ये सभी मौजूद बैठक में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ. मदन कुमार, अधिशाषी अभियंता डी.के. वर्मा, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम विजय कुमार, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नवीन कुमार, एमओएच डॉ. दिनेश ठाकुर और एनएचएआई के साइट इंजीनियर संदीप सिंह मौजूद रहे।