फ्रांस के नेता ने अमेरिका से ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ वापस मांगी है। हालांकि, इसका जवाब देते हुए अमेरिका ने कहा है कि हम न होते तो फ्रांस के लोग आज जर्मन भाषा बोल रहे होते।
फ्रांस के नेता ने अमेरिका से ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ वापस मांगी है। हालांकि, इसका जवाब देते हुए अमेरिका ने कहा है कि हम न होते तो फ्रांस के लोग आज जर्मन भाषा बोल रहे होते।