केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर को प्रतिष्ठित ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड(डीटीएबी) का सदस्य नियुक्त किया है। यह नियुक्ति औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 5 की उपधारा (2) के तहत की गई है। डॉ. कपूर की नियुक्ति विशेष महत्व रखती है, वे देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से एकमात्र ऐसे ड्रग कंट्रोलर हैं, जिन्हें इस महत्वपूर्ण बोर्ड में शामिल किया गया है। प्रदेश की भूमिका होगी मजबूत यह उनकी औषधि विनियमन क्षेत्र में विशेषज्ञता को मान्यता देता है। डीटीएबी पूरे भारत में औषधि विनियमन से जुड़े तकनीकी मामलों पर केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देता है। डॉ. कपूर की नियुक्ति से औषधि विनियमन नीतियों की प्रभावशीलता बढ़ेगी। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मानकों में हिमाचल प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी। यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बढ़ती प्रतिष्ठा डॉ. कपूर वर्तमान में हिमाचल में दवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्रिय हैं। वे दवा निर्माण में उच्च मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठा रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में राज्य की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।

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