कांगड़ा के डीसी हेम राज बैरवा ने सकरी ग्राम पंचायत की प्रधान रोमन भक्कल को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में बर्खास्त कर दिया है। पंचायती राज अधिनियम की धारा 131 (2) के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद पंचायत का कार्यभार उपप्रधान को सौंप दिया गया है। हरिपुर तहसील की रिपोर्ट में रोमन भक्कल और उनके परिवार पर दो सरकारी जमीनों पर कब्जे का आरोप लगा था। ये जमीनें खसरा नंबर 233/1 (पक्का रास्ता) और 233/2 (गोशाला खंडरनुमा) हैं। वन विभाग की शिकायत पर मामला कोर्ट में भेजा। वनमंडलाधिकारी देहरा की कोर्ट ने 4 मार्च 2025 को बेदखली का आदेश जारी किया। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तहसीलदार हरिपुर ने 5 सितंबर 2024 को यह रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद 6 नवंबर 2024 को प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रधान ने अपने जवाब में सभी आरोपों को खारिज कर दिया था। प्रधान पद को रिक्त घोषित किया हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 122 (1)(ग) के मुताबिक, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाला पंचायत पदाधिकारी अयोग्य माना जाता है। इसी आधार पर उपायुक्त ने प्रधान पद को रिक्त घोषित किया है। यह कार्रवाई देहरा और हरिपुर में बीजेपी की स्थानीय राजनीति को प्रभावित कर सकती है। रोमन भक्कल बीजेपी मंडल अध्यक्ष भी हैं। अब देखना यह है कि बीजेपी इस मामले में क्या रुख अपनाती है। उपप्रधान को सौंपी जिम्मेदारी पद से हटाने के आदेश में निर्देश दिया गया है कि ग्राम पंचायत सकरी की चल-अचल संपत्ति पंचायत सचिव को सौंपी जाए। साथ ही, पंचायती राज नियम, 1997 के नियम 136 (2) के तहत, पंचायत के कार्यों का दायित्व उपप्रधान को सौंपा गया है। बीजेपी में शामिल होने के बाद भी विवादों से घिरीं यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है, क्योंकि रोमन भक्कल वर्तमान में बीजेपी मंडल हरिपुर की अध्यक्ष हैं। पंचायत विवादों के बाद जब उन्होंने बीजेपी का दामन थामा, तो उन्हें हरिपुर बीजेपी मंडल की कमान सौंपी गई। हालांकि, उनके चयन का पार्टी के भीतर भी विरोध हुआ था। पार्टी में बढ़ी थी कलह बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रमेश धवाला ने रोमन भक्कल की नियुक्ति का विरोध किया था। धवाला ने पार्टी में गुटबाजी के आरोप लगाते हुए “असली बीजेपी” नाम से एक समानांतर संगठन भी बना दिया, जिससे पार्टी में अंदरूनी कलह और बढ़ गई। पूर्व विधायक होशियार सिंह की करीबी रोमन भक्कल को पूर्व निर्दलीय विधायक होशियार सिंह का करीबी माना जाता है। होशियार सिंह ने 2017 में देहरा से निर्दलीय चुनाव जीतकर बीजेपी का समर्थन किया था, लेकिन 2022 में उन्हें टिकट नहीं मिला। रोमन भक्कल की बीजेपी में एंट्री को भी इसी सियासी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा था। होशियार सिंह के इस्तीफे के बाद हुए देहरा उपचुनाव 2024 में रोमन भक्कल ने बीजेपी प्रत्याशी का साथ दिया था।

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