कभी मंदिर को अधूरा बताना, कभी विधि-विधान पर सवाल खड़े करना, कभी ये कहना है कि गर्भ गृह असली जगह से दूर बनाया गया है, कभी कहना कि सारा श्रेय मोदी ले रहे हैं, इन सब बातों की मीनमेख निकालना आज की तारीख में कोई मतलब नहीं है। 22 जनवरी को जो हो रहा है, ये एक ऐतिहासिक घटना है।