किन्नौर जिले में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग ने एक बड़ी पहल की है। विभाग ने स्थानीय बागवानों को सेब की विभिन्न उन्नत किस्मों के लगभग 22,500 पौधे बांटे गए । साथ ही, अन्य फलदार पौधों का भी वितरण किया गया है। उद्यान विभाग के उप-निदेशक डॉ. बीएस नेगी ने बताया कि इस साल बागवानों को रॉयल डिलिशस के अलावा अरली रेड वन, हेप्के, गोल्डन डिलिशस, ग्रैनी स्मिथ जैसी कई प्रमुख किस्मों के पौधे दिए गए हैं। विशेष रूप से गाला की विभिन्न किस्मों जैसे डार्क बैरन गाला, फैन प्लस गाला, टी रैक्स गाला और शिनीको गाला को भी शामिल किया गया है। बागवानों को सीडलिंग रूट स्टॉक के साथ-साथ क्लोनल रूट स्टॉक जैसे एम एम-111, बड-118, एमला-106, एम-9 पर तैयार पौधे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सेब के अतिरिक्त, विभाग ने अन्य फलदार पौधों का भी वितरण किया है, जिसमें जापानी फल के 2,700, कीवी के 1,100, प्लम के 300, खुर्मानी के 320, आड़ू के 105, बादाम के 530 और अखरोट के 175 पौधे शामिल हैं। नेगी ने बताया कि जिले के उद्यान प्रसार केंद्रों और रिकांगपिओ मुख्यालय में अभी भी सेब की विभिन्न किस्मों के करीब 3,100 पौधे उपलब्ध हैं। बागवान इन केंद्रों से विभिन्न रूट स्टॉक पर तैयार पौधे प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल क्षेत्र में बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मददगार साबित होगी।