आप कल्पना कर सकते हैं कि जब रैंगिग के नाम पर हुई हैवानियत की बात सुनने में इतनी दर्दनाक है, तो उसकी तस्वीरें कैसी होंगी। जिन बच्चों ने ये दारिंदगी झेली, उनकी दर्द भरी चीखें सुनकर उनके मां-बाप पर क्या गुजरी होगी?


आप कल्पना कर सकते हैं कि जब रैंगिग के नाम पर हुई हैवानियत की बात सुनने में इतनी दर्दनाक है, तो उसकी तस्वीरें कैसी होंगी। जिन बच्चों ने ये दारिंदगी झेली, उनकी दर्द भरी चीखें सुनकर उनके मां-बाप पर क्या गुजरी होगी? 

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