शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में जंगलों में आग की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है और नए लगाए गए पौधे भी नष्ट हो रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित डंसा क्षेत्र में स्थिति गंभीर है। वन मंडलाधिकारी गुरहर्ष सिंह के अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं। 26 जनवरी को डंसा, पशाडा और चिक्सा में लगी आग को काबू करने के लिए रविवार रात से सोमवार सुबह तक वन विभाग की पूरी टीम जुटी रही। इस दौरान फॉरेस्ट वर्कर, गार्ड, ब्लॉक अधिकारी, रेंज अधिकारी और वन मंडलाधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे। वन विभाग ने सभी पंचायतों और स्थानीय लोगों से आग बुझाने में सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि स्थानीय लोगों की मदद के बिना आग पर काबू पाना मुश्किल है। विभाग ने यह भी घोषणा की है कि जो व्यक्ति आग लगाने वालों की जानकारी देगा, उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उसे पुरस्कृत किया जाएगा। भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अधिकार धारकों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे आग जैसी गंभीर स्थिति में अपने दायित्वों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके अधिकार निलंबित किए जा सकते हैं। वन विभाग ने सभी से आग्रह किया है कि वे इस गंभीर समस्या से निपटने में विभाग का सहयोग करें।