हिमाचल सरकार द्वारा पानी के बिलों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ आज मंडी के जोगेंद्रनगर में स्थानीय लोगों ने एसडीएम ऑफिस और जल शक्ति विभाग दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने पानी के बिलों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में पानी के बिलों में 1 हजार रुपए की एकमुश्त वृद्धि की है। नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने बताया कि पहले तीन महीने का बिल 710 रुपए के करीब आता था। इस बार वह बढ़कर 1 हजार 710 रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही बिजली दरों और गृह कर में वृद्धि कर चुकी है, अब पानी के बिलों में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे लोग परेशान हैं। तर्कसंगत नहीं पानी के बिलों में बढ़ोतरी- ममता नगर परिषद की अध्यक्ष ममता कपूर ने कहा कि यह फैसला तर्कसंगत नहीं है। हिमाचल में पानी की कोई कमी नहीं है और प्रचुर मात्रा में जल उपलब्ध है। पार्षद शीला ने महंगाई के इस दौर में गरीब वर्ग की चिंता जताते हुए राशन की उपलब्धता और गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। बढ़ोतरी वापस नहीं ली तो करेंगे आंदोलन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिलों में की गई वृद्धि वापस नहीं ली तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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