कांगड़ा के बीड़-बिलिंग में शनिवार को एशिया का पहला पैराग्लाइडिंग स्कूल शुरू हो गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस स्कूल का उद्घाटन किया। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा स्वदेश दर्शन योजना के तहत लगभग 9 करोड़ रुपए की लागत से इस परिसर का निर्माण किया गया है। यह स्कूल साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां प्रशिक्षण लेने वाले पायलटों को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिलेंगे। स्कूल में आधुनिक सुविधाओं के साथ गेस्ट फैकल्टी के लिए आवास, कॉन्फ्रेंस हॉल और कक्षाएं उपलब्ध होंगी। स्कूल का संचालन हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम और पर्वतारोहण शिक्षण संस्थान मनाली को सौंपा गया है। यहां सोलो और टैंडम पैराग्लाइडिंग के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कोर्स भी चलाए जाएंगे। स्कूल की नींव 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रखी थी, जिसके लिए बीड़ बिलिंग की लैंडिंग साइट के पास 29 कनाल भूमि आवंटित की गई थी। यह स्कूल एक महत्वपूर्ण कमी को दूर करेगा, क्योंकि अब तक हजारों पैराग्लाइडिंग पायलट बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के उड़ान भर रहे थे। केवल पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अनुभव प्रमाणपत्र पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसके कारण कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। अब इस स्कूल के माध्यम से प्रमाणित और सुरक्षित पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहसिक खेल और पर्यटन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो उत्साह, चुनौती और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक अनूठा मिश्रण हैं। उन्होंने कहा कि बीड़ पैराग्लाइडिंग सेंटर-एवं-होटल परिसर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम और एबीवी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एलाइड स्पोर्ट्स, मनाली द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा। भवन का कुछ हिस्सा एबीवी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एलाइड स्पोर्ट्स, मनाली द्वारा पैराग्लाइडिंग पाठ्यक्रम चलाने के लिए रखा जाएगा और परिसर के बाकी हिस्से में बीड़ में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए होटल की सुविधा होगी।

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