धर्मशाला में मैक्लोडगंज के रमणीक ट्रैकिंग स्थल करथानी और त्रियुंड में न्यू ईयर की पूर्व संध्या पर 500 से ज्यादा पर्यटकों को ट्रैकिंग पर लेकर गए मैक्लोडगंज और भागसू की 9 ट्रैवल एजेंसियों के गाइड पर बीएनएस की धारा 223, 3(5) और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 55 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जबकि ऊपरी क्षेत्रों में सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर प्रतिबंध है। टूरिस्ट गाइड इन पर्यटकों को करथानी और त्रियुंड में अनधिकृत रूप से संचालित टेंट कैंप में ठहराने के लिए लेकर गए थे। करथानी और त्रियुंड में वन भूमि पर अवैध रूप से टेंट लगाए गए हैं, लेकिन न तो वन विभाग और न ही पर्यटन विभाग इन अवैध कैंपिंग पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं। भागसू स्थित शिवा कैफे के मालिक सागर ने बताया कि सुबह 6 से 6:30 बजे के बीच करीब 300-400 पर्यटक करथानी और त्रियुंड के लिए रवाना हुए। इन पर्यटकों को विभिन्न ट्रैकिंग एजेंसियों के गाइड्स ट्रैकिंग पर लेकर गए हैं। इन ट्रेवल एजेंट में विजय हिल हाईकर, ऋषि ट्रैवल लीडर, बब्बू त्रियुंड ट्रैक, इंद्रुनाग एडवेंचर, हिमालयन जर्नी, गुलाबा हिम ट्रैक, मोनू एडवेंचर, भागसूनाग एडवेंचर और मैक्लोडगंज एडवेंचर शामिल हैं। 26 नवंबर को ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगाया गया था
इसी तरह गलु में तैनात मुनीश पठानिया ने जानकारी दी कि गलु से भी करीब 200 पर्यटक त्रियुंड के लिए गाइड्स के साथ रवाना हुए हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस के 26 नवंबर 2024 के आदेश के तहत त्रियुंड, करेरी और हिमानी चामुंडा में शीत ऋतु के दौरान ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि इन स्थानों पर पहले भी कई बार पर्यटकों की जान खतरे में पड़ी है और उन्हें पुलिस व एसडीआरएफ टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया है। 26 से 27 दिसंबर की रात को करीब 20 पर्यटक बर्फबारी के दौरान फंस गए थे, जिन्हें बड़ी मुश्किल से रेस्क्यू किया गया था। इस मामले में मैक्लोडगंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

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