कांगड़ा जिले में ट्रैकिंग आदेशों की अवमानना करने पर चार ट्रैकिंग गाइड्स के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 223 और 3;5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये गाइड्स एक दल को त्रियुंड साइट की ओर ले जा रहे थे, जबकि ऊपरी क्षेत्रों में सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर प्रतिबंध है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने उपायुक्त हेमराज बैरवा के आदेश पर 3000 मीटर से ऊपर की सभी ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। ट्रैकिंग के लिए विशेष हिदायतें भी जारी की गई हैं। करेरी, त्रियुंड और आदि हिमानी चामुंडा मार्गों पर ट्रैकिंग की अनुमति के लिए पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा के कार्यालय से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। आईएमडी शिमला द्वारा चेतावनी या अलर्ट जारी किए जाने पर इन मार्गों के लिए दी गई सभी पूर्व अनुमति रद्द मानी जाएंगी। पुलिस और बचाव दलों को ही छूट हालांकि, आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों जैसे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पर्वतारोहण केंद्र मैक्लोडगंज और पुलिस के खोज और बचाव दलों को इन निर्देशों में छूट दी जाएगी। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही ट्रैकिंग को लेकर समय-समय पर आदेश जारी किए जाते हैं। जिला पर्यटन अधिकारी को कांगड़ा जिले के पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सभी हितधारकों को ट्रैकिंग गतिविधियों की पाबंदियों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें उल्लंघन करने पर जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए दंडात्मक प्रावधानों के बारे में भी बताने को कहा गया है। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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