हिमाचल प्रदेश में न्यू-ईयर से पहले स्नोफ़ॉल हो रहा है। इससे पहाड़ों पर पहुंचने वाले टूरिस्ट बर्फ के बीच 2025 का स्वागत कर सकेंगे। लाहौल स्पीति जिला में शुक्रवार दोपहर बाद से भारी बर्फबारी जारी है। शिमला जिला की ऊंची चोटियों पर भी बीती शाम को हिमपात हुआ और रात में बारिश व बीच बीच में तूफान चला। कांगड़ा, कुल्लू और चंबा के ऊंचे पहाड़ों पर भी रात में बर्फबारी हुई है। प्रदेश के सात जिलों में आज भी भारी बर्फबारी का अलर्ट है। बर्फबारी से टूरिस्ट के साथ साथ राज्य के पर्यटन कारोबारी, किसान और बागवानों के चेहरे खिल उठे है। बर्फ देखने के लिए पहले ही पहाड़ों पर बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचा हुआ है। 4 दिन में ही शिमला और कुल्लू दो जिलों में लगभग 3.30 लाख टूरिस्ट पहुंच चुका है। मगर भारी बर्फबारी के अलर्ट को देखते हुए सरकार ने खराब मौसम के दौरान आज और कल ऊंचे क्षेत्रों में नहीं जाने की एडवाइजरी दी है। ऐसा करने से गाड़ी समेत ऊंचे क्षेत्रों में फंस सकते हैं। सोलंग नाला में 10000 वाहन फंसे बीती शाम को मनाली के सोलंग नाला में 1000 से ज्यादा वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गए। पुलिस देर रात तक इनके रेक्क्यू में जुटी रही। रात 12 बजे भी बड़ी संख्या में वाहन जाम में फंसे रहे। बर्फबारी शुरू होने से बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। इससे वाहनों को देर रात तक निकाला जा सका। इन जिलों में आज भी भारी बर्फबारी की चेतावनी प्रदेश के कई ऊंचे क्षेत्रों में बीती शाम से ही बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग (IMD) की माने तो आज भी सात जिलों चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी हो सकती है। प्रदेश के मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश हो रही है। IMD की माने तो कल भी लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है। टूरिस्ट और लोकल को सरकार की एडवाइजरी हिमाचल में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच राज्य सरकार ने लोकल लोगों सहित टूरिस्ट को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की एडवाइजरी जारी की है। क्योंकि अगले 24 घंटे के दौरान ऊंचे क्षेत्रों में भारी हिमपात होने का पूर्वानुमान है। इससे गाड़ियों सहित फंसने का डर बना रहता है। लाहौल स्पीति और अपर शिमला प्रदेश से कटा ताजा हिमपात के बाद लाहौल स्पीति जिला और शिमला जिला के ठियोग, रोहड़ू, चौपाल, नारकंडा इत्यादि क्षेत्रों का राजधानी से संपर्क कट गया है। अपर शिमला को राजधानी से जोड़ने वाले नेशनल हाइवे शिमला-ठियोग-रामपुर, शिमला-ठियोग-रोहड़ू और स्टेट हाइवे शिमला-ठियोग-चौपाल बीती शाम को ही बंद हो गए है। सेब के लिए टॉनिक का काम करेगी बर्फबारी पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी 5000 करोड़ से ज्यादा से सेब उद्योग के लिए टॉनिक का काम करेगी। इससे सेब बगीचों में मौजूद सभी बीमारियां और कीड़े-मकौड़े मर जाते है। सेब की अच्छी फसल के लिए बर्फबारी बेहद जरूरी होती है। इसी तरह प्रदेश में पर्यटन उद्योग के लिए भी बर्फबारी बहुत जरूरी है।

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