मंडी शहर के आसपास की चार सड़कें एफडीआर तकनीक से बनेगी। फूल डेप्थ रिक्लेमेशन से बनने वाली इन सड़कों का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। मंडी के जोनल अस्पताल से होकर गुजरने वाली गणपति रोड पर 100 मीटर सड़क पर इस तकनीक का ट्रायल किया गया है। इस दौरान लोक निर्माण विभाग की टीम, एक्सपर्ट व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने इस मौके पर सड़क पर पुरानी सामग्री पर सीमेंट और अपेव पाउडर डालकर इस तकनीक का ट्रायल किया। जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीके वर्मा ने कहा कि यह ट्रायल सफल होने की रिपोर्ट आने के बाद जल्द इन सड़कों पर इस तकनीक का प्रयोग होगा। अभी अन्य 3 सड़कों पर भी ट्रायल होगा। इनकी रिपोर्ट आने पर कार्य की गति तेज की जाएगी और लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से बनने वाली अन्य 3 सड़कों में बिंद्रावनी-नेला, मंगवाई केहनवाल और कोटली सड़के शामिल हैं। क्या है एफडीआर तकनीक ? एफडीआर यानी फुल डेप्थ रिक्लेमेशन सड़क निर्माण की एक तकनीक है, इस तकनीक में मौजूदा सड़क सामग्री को दोबारा से प्रयोग किया जाता है। इस सामग्री में कुछ अन्य सामग्री जैसे सीमेंट, अपेव पाउडर के साथ मिलाकर एक नई आधार परत बनाई जाती है। इस तकनीक से बनी सड़कें ज़्यादा टिकाऊ, लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल होती हैं।

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