प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के मुताबिक 15 अगस्त, 1947 को मौजूद उपासना स्थलों का धार्मिक स्वरूप वैसा ही बना रहेगा, जैसा वह उस दिन था।
प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के मुताबिक 15 अगस्त, 1947 को मौजूद उपासना स्थलों का धार्मिक स्वरूप वैसा ही बना रहेगा, जैसा वह उस दिन था।