हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में तेजी से बढ़ रही प्रवासी मजदूरों की संख्या और उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। जनवरी 2024 से नवंबर 2024 तक कांगड़ा जिले में कुल 8800 प्रवासी मजदूरों का पुलिस थानों में पंजीकरण किया गया है। इनमें भारत के विभिन्न राज्यों से 8662 और पड़ोसी देश नेपाल से 153 प्रवासी मजदूर पंजीकृत हुए हैं। इनके पुलिस चरित्र सत्यापन के लिए संबंधित पुलिस थानों/राज्यों से पत्राचार किया गया है। इनमें से कुछ की चरित्र सत्यापन रिपोर्ट उनके संबंधित राज्यों/पुलिस थानों के माध्यम से आ चुकी है और इन नए पंजीकृत प्रवासी मजदूरों का पुलिस चरित्र सत्यापन आना बाकी है। इसके अलावा, आम जनता, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को समय-समय पर पुलिस थानों के अधिकारियों और समाचार पत्रों के माध्यम से सूचित किया गया है कि यदि कोई प्रवासी मजदूर, रेहड़ी या फेरीवाला बिना पुलिस पंजीकरण के कांगड़ा जिले में घूमता हुआ पाया जाता है, तो उसे संबंधित पुलिस थाने में जाकर अपना सत्यापन करवाने के निर्देश दें। इसके अलावा अगर कोई स्थानीय व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को मकान किराये पर देता है जो किसी दूसरे राज्य से रोजगार के लिए कांगड़ा जिला में आया है, तो उस मकान मालिक की जिम्मेदारी होगी कि वह उस व्यक्ति का संबंधित पुलिस थाने में पंजीकरण करवाए। अगर कोई व्यक्ति बिना पुलिस पंजीकरण के रहने के लिए मकान या कमरा किराये पर देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि कांगड़ा जिला में अब तक बाहरी राज्यों से आने वाले 8800 प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया जा चुका है। इसके अलावा यह प्रक्रिया नियमित रूप से जारी है। बाहरी राज्यों के अलावा नेपाल से भी बड़ी संख्या में लोग जिले में मजदूरी समेत विभिन्न कार्य कर रहे हैं। जिनका पंजीकरण किया जा रहा है। इन लोगों का पंजीकरण भी अनिवार्य है, ताकि बाहर से कोई अपराधी यहां आकर छिप न सके।

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