हिमाचल प्रदेश में छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर में अनेकों ऐसे ऐतिहासिक मंदिर है, जहां हिमाचल ही नहीं बाहरी राज्यों से भी पर्यटक पहुंचते है। परन्तु इन दिनों इन मंदिरों की सुंदरता को असामाजिक तत्व ग्रहण लगा रहे है। आपदा के दौरान विश्व भर में चर्चित पंचवक्त्र मंदिर को कुछ युवा नशे और अय्याशी का अड्डा बना रहे है। जिसको लेकर शुक्रवार को धर्म सेवक का एक प्रतिनिधिमंडल मंडी एडीसी रोहित राठौर से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। मंदिर में अव्यवस्था फैला रहे लोग धर्म सेवकों ने एडीसी से मांग की है कि पंचवक्त्र मंदिर और उसके साथ अन्य मंदिरों में लोग जूते पहनकर ही पूजा करने लग जाते है। साथ ही कुछ युवा यहां कई बार नशा करते हुए भी देखे गए है। जब उन लोगों को रोकने की कोशिश की जाती है तो वह उल्टा धौंस जमाते है। जिसको लेकर उन्होंने मंडी प्रशासन से मांग की है कि यहां सूचना पट्टिकाएं सहित होमगार्ड जवान की तैनाती की जाए। ताकि जो भी इस तरह की अभद्रता फैलता है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही दिन में दो बार पुलिस प्रशासन इन स्थानों में गश्त भी करें। एडीसी ने दिया समाधान का आश्वासन एडीसी से मिलने पहुंचे धर्म सेवक आयुष ने बताया कि कई बार इन धार्मिक स्थलों में कई बार ऐसा माहौल हो जाता है, कि लोग परिवार के साथ मंदिर में प्रवेश नहीं करते है। कई बार पुलिस प्रशासन को भी इस समस्या से अवगत करवाया गया, परन्तु अभी तक इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कई बार उन्होंने धार्मिक स्थलों में अय्याशी करते हुए युवाओं को भी पकड़ा है, लेकिन वह मारपीट करने में उतारु हो जाते है। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरन्त इस ओर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया है। ताकि कोई भी हिन्दू धर्म और किसी की भी भावना को ठेस ना पहुंचा सके। एडीसी रोहित राठौर ने युवाओं को आश्वासन दिया है कि प्रशासन इस विषय पर पहले से कार्य कर रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

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