हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नियमों को ताक पर रखकर बस चलाने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों पर गुरुवार को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) का बड़ा डंडा चला है। विभाग ने गुरुवार को शहर में विभिन्न जगह नाकेबंदी करके नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 20 बस चालकों के चालान काटे हैं। विभाग ने एक साथ शहर के विभिन्न जगहों जैसे खलीणी, हीरानगर व टूटू में आरटीओ द्वारा नाका लगाया गया था। इस दौरान करीब 20 बसों के चालान कर 62 हज़ार रुपए का जुर्माना वसूला गया। इसमे प्राइवेट बसों में ओवरलोडिंग, टिकट ना देने, सीट बेल्ट ना पहनने, बिना वर्दी के बस में सेवाएं दे रहे चालकों और कंडक्टरों और म्यूजिक सिस्टम तेज़ आवाज़ में चलाने व फिटनेस सर्टिफिकेट ना होने जैसे नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हीरानगर व टूटू में भी लगाया गया नाका
विभाग द्वारा 20 बसों की चेकिंग करते समय अधिकतर चालक व कंडक्टर बिना वर्दी के पाए गए थे। जबकि करीब 8 बसें बिना टिकट के ही सवारियां ढो रही थी। अकेले खलीनी में नाकेबंदी के दौरान आरटीओ ने 30 हज़ार रुपए के चालान किए है। इसके अलावा हीरानगर व टूटू में भी नाका लगाया गया था। इन सभी को मिलाकर कुल 62 हज़ार रुपए जुर्माना वसूला गया है। शिमला में सवारियों को टिकट नही देते कंडक्टर
बता दें कि शहर में निजी बस चालक बिना टिकट दिए ही सवारियों से किराए की उगाही करते हैं। कई बार यात्री कंडक्टरों द्वारा टिकट न देने पर शिकायतें भी करते हैं। बावजूद इसके कंडक्टर अपनी हरकतों से बाज नही आते। अधिकतर निजी बस चालक कंडक्टर बिना टिकट दिए ही बसों को दौड़ाते रहते हैं। समय समय पर जांच करेगा विभाग – RTO
उधर RTO शिमला अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग की अलग अलग टीमों ने जगह-जगह नाकाबंदी कर नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान काटे हैं। उन्होंने बताया कि बसों में सवारियों को टिकट नहीं दी जा रही है। ऐसे में अब टिकटों को लेकर सख्ती बरतने की जरुरत है। उन्होंने बताया कि अब वॉल्वो बसों का भी चालान किया जाएगा।

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