कुल्लू जिला मुख्यालय और पर्यटन नगरी मनाली के बीच दुआड़ा में नेशनल हाईवे से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित जंगल में लगी विकराल आग से लाखों के नुकसान हुआ है जिसका वन विभाग आकलन करने में जुट गया है। गुरुवार देर शाम के बाद हवाएं चलने से जंगल में गगनचुंबी लपटें उठने लगीं थी। वन विभाग का अमला स्थानीय लोगों की मदद से देर रात तक जंगल की आग को बुझाने में जुटा रहा। आग पर नियंत्रण पाने के बाद वन विभाग इस आगजनी के लिए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने जा रहा है। वन विभाग अपने स्तर पर भी आग लगाने वाले आरोपी को खोज रहा है। इस आगजनी में पेड़ पौधों के अलावा कई जीव जंतु भी जिंदा जल गए हैं। आग लगाने वाले पर होगी एफआईआर
वन विभाग के पटलिकुहल में तैनात वन परिक्षेत्र अधिकारी टीटू ने बताया कि आगजनी में पुराने पेड़ों सहित 17 हेक्टेयर में लगाई नए पौधों की नर्सरी जलकर खाक हो गई है। वन विभाग आगजनी पर नियंत्रण के बाद नुकसान के आकलन में जुट गया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों बारिश नहीं हो रही है। लोगों को लगता है कि जंगल में आग लगाने से आसमान से बादल बरसने लगेंगे। उन्होंने कहा कि बेशक बादल और धुआं एक जैसे प्रतीत होते हैं। लेकिन बादलों में जहां वाष्पीकृत जल होता है। वहीं धुआं तो कार्बन डाई ऑक्साइड का रूप है। दोनों का गुण-धर्म एक दूसरे के विपरीत है। लिहाजा बारिश के लिए जंगलों में आग लगाने से परहेज किया जाना चाहिए। उधर एसपी कुल्लू कार्तिकेयन ने भी जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग से शिकायत मिलने पर जंगल में आग लगाने वाले को खोजकर सलाखों के पीछे डाला जाएगा। ये भी पढ़ें- कुल्लू में सुबह से धधक रही दुआड़ा जंगल की आग:करोड़ों की वन संपदा जलकर राख, ऊंचाई वाले सेब के बगीचे हो सकते हैं तबाह कुल्लू जिले के दुआड़ा गांव के साथ लगती पहाड़ी में गुरुवार को आग लग गई। जिससे लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई। आग अभी भी बदस्तूर लगी हुई है जिसे बुझाने के दिन भर प्रयास किए गए, मगर रात होते ही आग एक बार फिर सुलग गई। इस आग में हजारों पेड़ जलकर नष्ट हो गए…और पढ़ें