साल 1999 में, जब रतन टाटा और उनकी टीम ने अपना नया कार कारोबार फोर्ड को पेश किया, तो उन्हें तिरस्कार का सामना करना पड़ा। फोर्ड के प्रतिनिधियों ने उनकी विशेषज्ञता पर सवाल उठाए।
साल 1999 में, जब रतन टाटा और उनकी टीम ने अपना नया कार कारोबार फोर्ड को पेश किया, तो उन्हें तिरस्कार का सामना करना पड़ा। फोर्ड के प्रतिनिधियों ने उनकी विशेषज्ञता पर सवाल उठाए।