प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम सोलन पर 9.90 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। बोर्ड ने ठोस कचरे के प्रबंधन संयंत्र सलोगड़ा में कूड़े के बन चुके पहाड़ के निष्पादन में बरती जा रही कोताही को लेकर यह कार्रवाई की है। बोर्ड द्वारा निगम को कचरे के पहाड़ को उठाने के लिए कई बार निर्देश दिए गए। लेकिन निगम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा अब निगम को भारी भरकम जुर्माना भरना पड़ेगा। नगर निगम ने सलोगड़ा में कचरे प्रबंधन का जिम्मा ठेके पर दिया हुआ है, लेकिन इसके निष्पादन में बरती गई लापरवाही का खामियाजा निगम को भुगतना पड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परवाणू के सहायक अभियंता अनिल राव ने बताया कि नगर निगम प्रशासन सलोगड़ा डंपिंग स्थान से कूड़े को नहीं उठवा रहा था। काफी समय से तिथि को आगे बढ़ाया जा रहा था। लेकिन अब सख्त कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 9.90 लाख रुपए का जुर्माना लगा गया है। नगर निगम की मेयर ऊषा शर्मा ने कहा कि सलोगड़ा में ठोस कचरा संयंत्रण पर काम हो रहा है। नगर निगम आयुक्त से पता किया जाएगा कि यह जुर्माना क्यों लगाया गया है। बरसात में पानी के साथ बह गया कचरा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक बरसात में वहां से हजारों टन कचरा पानी के साथ बह गया है। इसके कारण आस -पास के जल स्रोत भी दूषित हो गए। स्थिति यह हो गई है कि एनएच-5 के साथ लगी इस साइट के कारण बड़े क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। इससे एनएच-5 से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनवरी में जारी हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में भी ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र सलोगड़ा को जीरो नम्बर मिले थे। हैरानी की बात यह है कि निगम ने इससे भी कोई सबक नहीं लिया। उसका परिणाम है कि निगम को 9.90 लाख रुपए का जुर्माना लग गया है।