हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में मस्जिद के बीच मंडी शहर से अवैध तौर पर दुकानें लगाने वाले रेहड़ी-फड़ी धारक गायब हो गए हैं। मस्जिद विवाद के बाद प्रवासियों के पंजीकरण की मांग तेज होने लगी है। इसके बाद प्रवासी दुकानदारों ने मक्की, गोल-गप्पे, चना-चाट, सीडू, मोमो, नारियल पानी जैसे अवैध दुकानें खुद ही हटा दी है। मंडी में अब लोकल व पंजीकृत लोगों की ही रेहड़ी-फड़ियां ही दिख रही हैं। रेहड़ी-फड़ी धारक तीर्थ राज और दुकानदार कालू राम ने बताया कि बहुत से ऐसे लोग बाजार में रेहड़ियां लगाते थे जिन्हें पहले कभी नहीं देखा था, लेकिन मस्जिद विवाद के बाद सभी गायब हैं। स्थानीय निवासी देशमित्र ने प्रशासन से बाहर से यहां आकर रहने वालों का पंजीकरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। पंजीकृत लोग ही रेहड़ी चला सकेंगे: मेयर नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि शहर में जो पंजीकृत रेहड़ी-फड़ी धारक हैं, उनकी रेहड़ियां ही सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने सभी प्रवासियों से अनुरोध किया कि वे पंजीकरण करवाकर ही अपना कारोबार शुरू करें। यहां सजती थी अवैध दुकानें मंडी शहर में बस स्टैंड के बाहर कॉलेज गेट के आस-पास, पुलिस लाइन के गेट के सामने, ITI चौक के पास और पुल के उपर, विश्वकर्मा मंदिर के पास, मंगवाई बाजार, महामृत्युंज्य मंदिर वाले चौक के आस-पास, सेरी मंच, चौहाटा बाजार, विक्टोरिया पुल के साथ बने नए पुल, स्कूल बाजार, सुकोड़ी चौक के आस-पास और शहर के अन्य स्थानों पर रेहड़ी-फड्डी संचालक बैठते हैं। अब कम ही लोग नजर आ रहे हैं।