हिमाचल सरकार के PWD और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से लगी फटकार के बाद शनिवार को उन्होंने बयान पर सफाई दी है। विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश में उनके बयान के बाद शुरू हुई कंट्रोवर्सी का ठीकरा मीडिया के सर पर फोड़ दिया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जमीन पर कोई विवाद नहीं हुआ। यह मीडिया का क्रिएटिड विवाद है। मीडिया ने इस मामले में आउट ऑफ द प्रिकॉशन जाकर काम किया है और इस मामले को तूल दिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चल रहे विवाद की वास्तविक परिस्थितियों से उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल को अवगत करवाया है और पार्टी की विचारधारा व पार्टी की लाइन को लेकर उनके जो कन्सर्न थे उनको लेकर उन्हें विश्वास दिलाया है। उन्होंने उनसे कहा कि वह पार्टी के सच्चे और पक्के सिपाही है और कभी भी पार्टी लाइन के बाहर जाकर बात नहीं करेंगे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक-डेढ़ महीने से चल रहे मसले को देखते हुए उन्होंने केंद्रीय आलाकमान को अवगत करवाया है कि उन्होंने अपने बयान में प्रदेश में कोर्ट की जजमेंट व नगर निगम के 2016 के कानून की इम्प्लीमेंटेशन की बात की है। हिमाचल प्रदेश देश का अटूट अंग है। कोई भी लोगो यहां रोजगार के लिए आ जा सकते है। लेकिन प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा , कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हिमाचली व गैर हिमाचली सभी की पहचान व वेरिफिकेशन जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान ना करें कि कोई अनहोनी हो। लेकिन भविष्य में अगर कोई ऐसी घटना घटती है तो प्रशासन के पास हर व्यक्ति का रिकॉर्ड व पहचान होना आवश्यक है। ताकि उसकी समय पर पहचान हो सके और कानून के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सीएम सुक्खू के नेतृत्व में मजबूती से हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है।

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