हिमाचल के हमीरपुर में शनिवार (28 सितंबर) को मस्जिद विवाद में प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आ गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान नादौन विधानसभा क्षेत्र के कांगू के साथ लगते कारगुजागीर गांव के वीरेंद्र परमार (47) के तौर पर हुई। देवभूमि संघर्ष समिति ने हिमाचल के सभी जिलों में संजौली मस्जिद विवाद मामले में प्रदर्शन का आह्वान कर रखा था। हमीरपुर शहर में भी समिति के पदाधिकारी ने रोष रैली निकाली। चलते-चलते गिरा
इस दौरान बाजार से होते हुए रैली मिनी सचिवालय की तरफ जा रही थी। इस बीच बाजार में चलते-चलते वीरेंद्र परमार सड़क पर गिर गए। बताया जा रहा है कि व्यक्ति को गिरने के बाद सिर में चोट लगी। इसके बाद उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर कुछ देर बाद उसकी जान चली गई माता-पिता के अकेले बेटे थे वीरेंद्र
वीरेंद्र परमार अपने पीछे एक बेटा क्षितिज, पत्नी अंजू कुमारी, पिता मिलाप चंद और माता रुकमणि देवी को छोड़ गए हैं। वह माता-पिता के अकेले बेटे थे। पुलिस के अनुसार वीरेंद्र खेतीबाड़ी करते थे। कुछ दिन पहले समिति से जुड़े थे
​​​​​​​देवभूमि संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मदन ठाकुर ने बताया कि संजौली मस्जिद विवाद से एक महीने पहले ही समिति का गठन किया गया। कुछ दिन पहले ही वीरेंद्र परमार भी इस समिति से जुड़े थे। उन्होंने साथी के निधन पर शोक व्यक्त किया। पूर्व CM जयराम ठाकुर ने जताया दुख क्या है शिमला का संजौली मस्जिद विवाद… देवभूमि संघर्ष समिति ने दी चेतावनी
देवभूमि संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 5 अक्टूबर को फैसला नहीं आता तो इस मामले में लोग सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन को तेज किया जाएगा। 11 सितंबर को शिमला में हिंदू संगठन उग्र प्रदर्शन कर चुके हैं।

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