हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में अवैध मस्जिद को गिराने के नगर निगम (MC) आयुक्त कोर्ट के फैसले को मुस्लिम वेलफेयर कम्युनिटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। MC आयुक्त ने बीते 14 सितंबर को मस्जिद के अवैध हिस्से को 30 दिन के भीतर गिराने और यथस्थिति बनाने के आदेश दिए है। मुस्लिम पक्ष ने याचिका डालकर आयुक्त कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने का आग्रह किया है। मुस्लिम वेलफेयर कम्युनिटी का दावा है कि मस्जिद में जमीन उनकी है। नगर निगम ने बिना नक्शा पास करवाए निर्माण पर आपत्ति जताई है। इस दिशा में अब काम किया जाएगा। आयुक्त कोर्ट के फैसले से एक दिन पहले ही मुस्लिम समुदाय ने PWD की जमीन पर अवैध कब्जे को गिराना खुद शुरू कर दिया था। कोर्ट का फैसला आने के बाद मस्जिद में बिजली व पानी का कनेक्शन भी काट दिया गया। मस्जिद के बाहर बैरिकेड्स लगाए गए और मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया गया। आजादी से पहले की बनी मस्जिद मंडी के जेल रोड पर आजादी से पहले की मस्जिद बनी थी। मगर तब यहां एक मंजिला मस्जिद थी। मुस्लिम समुदाय ने बिना नक्शा पास कराए तीन 3 मंजिला बना दी। इसका पहले ही नगर निगम कोर्ट में केस विचाराधीन था। 186 वर्ग मीटर में अतिक्रमण का आरोप नगर निगम के अनुसार, मुस्लिम समुदाय ने 186 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके मस्जिद बनाई है। मुस्लिम समुदाय जिस मस्जिद के आजादी से पहले होने का दावा करता है, वह 45 वर्ग मीटर जमीन पर बनी थी। अतिक्रमण के बाद यहां 231 वर्ग मीटर में मस्जिद बना दी गई। इसे तोड़ने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने मंडी में उग्र प्रदर्शन भी किया।

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