हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने एक प्लानिंग तैयार की है। अब उपभोक्ताओं को बिना ओटीपी नंबर बताए गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। 1 नवंबर से नए नियमों के तहत व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, वह गैस एजेंसी में जाकर रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। बुकिंग भी ओटीपी नंबर के साथ होगी और डिलीवरी के दौरान भी ओटीपी नंबर दिखाना होगा। शुरुआत में उपभोक्ताओं की समस्या बढ़ सकती है, लेकिन कालाबाजारी को रोकने के लिए यह कदम अहम है। एलपीजी उपभोक्ताओं को अब बुकिंग के बाद अपने मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी नंबर को बताने के बाद ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिलेगी। अपनी मर्जी से डिलीवरी नहीं कर सकेंगे कर्मचारी बुकिंग कराने वाले असली उपभोक्ता को ही सिलेंडर की डिलीवरी मिलेगी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद एजेंसी कर्मचारी अपनी मर्जी के बुक सिलेंडर को किसी अन्य उपभोक्ता को नहीं दे पाएंगे। देहरा गैस एजेंसी से हजारों उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। इससे पहले पुराने नियमों में एक मोबाइल फोन से दो गैस कनेक्शन भी रजिस्टर्ड हो जाते हैं। जिस कारण गैस ब्लैक करने वाले रसोई गैस का मिस-यूज करते थे, लेकिन नए नियमों के तहत एक मोबाइल फोन से एक गैस कनेक्शन ही चालू रहेगा। दूसरा कनेक्शन कट जाएगा। इससे सभी लोगों को गैस कनेक्शन लेना पड़ेगा। अक्सर घर के मुखिया का नंबर ही होता है रजिस्टर्ड, बढ़ेगी परेशानी अक्सर गैस कनेक्शन पर घर के मुखिया का फोन नंबर रजिस्टर्ड होता है। ऐसे में घर से कोई दूसरा सदस्य जाएगा, तो उन्होंने मुखिया से ओटीपी नंबर पूछना पड़ेगा। इस स्थिति में डिलीवरी देने जा रहे कर्मचारी का टाइम अधिक लगेगी। एजेंसी संचालक बताते हैं कि जो कर्मचारी दिन में 100 सिलेंडर डिलेवर करता था, नई व्यवस्था से वह सिर्फ 20 सिलेंडर ही दे पाएगा। इससे वेटिंग लिस्ट बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने में दिक्कत आएगी।

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