आजकल की शादियों में रस्में कम और दिखावे ज्यादा हो गए हैं। कई बार ये दिखावा करना इंसान को इतना महंगा पड़ता है कि अंत में पछतावे के अलावा उनके पास कुछ नहीं बचता।
आजकल की शादियों में रस्में कम और दिखावे ज्यादा हो गए हैं। कई बार ये दिखावा करना इंसान को इतना महंगा पड़ता है कि अंत में पछतावे के अलावा उनके पास कुछ नहीं बचता।