सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड पॉर्न को लेकर बड़ा स्टेटमेंट दिया है और कहा है कि ऐसी सामग्री का भंडारण मात्र POCSO अधिनियम के तहत अपराध है।

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सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड पॉर्न को लेकर बड़ा स्टेटमेंट दिया है और कहा है कि ऐसी सामग्री का भंडारण मात्र POCSO अधिनियम के तहत अपराध है। 

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