शिमला जिले के रामपुर में 210 मेगावॉट लुहरी परियोजना के प्रभावित किसानों ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। लोगों ने ब्लास्टिंग से मकानों मे आई दरारों की सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग की। ग्राम पंचायत कारांगला व बड़ाच के लिए 15 दिन के अंदर कमेटी का गठन कर सर्वे शुरू सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। इस प्रदर्शन में ग्राम पंचायत देलठ, नीरथ, करंगला, बडाच के किसान शामिल हुए। 9 मई को हुआ था लिखित समझौता किसान सभा महासचिव देवकी नंद, कृष्णा राणा,प्रेम चौहान व रंजीत ने कहा कि किसान पिछले काफी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे। कई बार प्रशासन को मांग पत्र भी दिया है। 9 मई 2024 को एक लिखित समझौता भी हुआ था। इस समझौते के अनुसार प्रशासन ने माना था कि प्रोजेक्ट के निर्माण से जो फसल का नुकसान हुआ है। उसका सर्वे 20 जुलाई व जो नुकसान मकानों में ब्लास्टिंग से दरारें आई हैं। उसका मूल्यांकन 1 अगस्त तक करने पर सहमति बनी थी, लेकिन प्रशासन द्वारा केवल नीरथ पंचायत में ही दरारों का मुआवजा दिया गया है। जिससे किसानों में रोष उत्पन्न हो गया। 5 दिन मे शुरू कर दिया जाएगा सर्वे उन्होंने कहा कि आज दोवारा इन मुद्दों पर एसडीएम निशांत तोमर के साथ किसान सभा की बैठक हुई। बैठक में सहमति बनी कि धूल से जो फसलों का नुकसान हुआ है, उसका सर्वे 15 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। मकानों में ब्लास्टिंग से दरारें आई उसका सर्वे ग्राम पंचायत बड़ाच के गांव बरकेली मे 5 दिन मे शुरू कर दिया जाएगा। ग्राम पंचायत कारांगला व बड़ाच के लिए 15 दिन के अंदर कमेटी का गठन कर सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।

Spread the love

By