शिमला जिले के रामपुर में मजदूरों ने लूहरी परियोजना का कार्य बंद कर दिया और दो माह का वेतन न मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया। हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन-210 मेगावाट स्टेज-1 संबंधित सीटू ने मंगलवार को मजदूरों का जुलाई और अगस्त माह के वेतन का भुगतान न करने पर यह निर्णय लिया है। मजदूरों ने परियोजना की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया। मजदूरों को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिला सचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष राजपाल और सचिव सतीश ने कहा कि परियोजना में श्रम कानूनों की खुला उल्लंघन हो रही है और सतलज जल विद्युत निगम मूक दर्शक बना हुआ है। 50 मजदूरों को नहीं मिला वेतन मजदूर नेताओं ने कहा कि सतलज जल विद्युत निगम देश की नवरत्न कंपनियों में से एक है। वित्त वर्ष 2023-24 में 908 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली कंपनी 50 मजदूरों के दो महीने के वेतन का भुगतान नहीं कर रही है। उग्र आंदोलन की चेतावनी दी मजदूरों को वेतन न देना मुख्य नियोक्ता सतलज जल विद्युत निगम के मजदूर विरोधी रवैये को दर्शाते हैं। यूनियन ने एसजेवीएनएल और पटेल कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी है यदि समय रहते मजदूरों को जुलाई और अगस्त माह के वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो यूनियन उग्र आंदोलन कर परियोजना का काम अनिश्चित समय के लिए बंद करेंगे।

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