हिमाचल प्रदेश में बेरोजगार युवाओं ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार द्वारा दो साल में रोजगार देने को लेकर किए जा रहे दावों पर बेरोजगारों ने सवाल खड़े कर दिए है। विधानसभा मानसून सत्र के दौरान शिमला पहुंचे बेरोजगार युवाओं ने कहा कि सरकार 28 हजार सरकारी नौकरियों का गलत आंकड़ा पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार में पिछले दो सालों से कोई नया रोजगार नहीं दिया गया है। जिसके कारण युवाओं को “युवा मांगे रोजगार” का गठन करना पड़ा हैं। युवाओं ने ऐलान करते हुए कहा सरकार यदि जल्द नए पदों का सृजन नहीं करती तो प्रदेश का युवा वर्ग सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। 30 हजार रोजगार केवल कागजों में मिला, नहीं हुई कोई नई भर्ती- ललित हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दसवें दिन प्रदेश के युवा बेरोजगार चौड़ा मैदान में एकत्रित हुए। इस दौरान युवा मांगे रोजगार संघ के अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि सरकार ने तीस हजार रोजगार केवल कागजों में दिया हैं। दो सालों में एक भी नई भर्ती नहीं निकली हैं। ये सरकार आउटसोर्स से भर्तियों की बात कर रही है जो बेरोजगारों के साथ धोखा हैं। आउटसोर्स पर कम पढ़े लिखे लोगों को लगाया जा रहा है। बेरोजगारी की वजह से पढ़ा लिखा युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। सरकार आउटसोर्स भर्तियों पर रोक लगाई जानी चाहिए। सरकार तीस हजार का आंकड़ा बता रही हैं। नौकरियां आंकड़े सार्वजनिक करे सरकार उन्होंने कहा कि सरकार दो सालों में तीस हजार रोजगार आंकड़ा बता रही हैं। ललित ने कहा कि यह नोकरियाँ कहां दी गई सरकार इसके आंकड़े सार्वजनिक करें । उन्होंने कहा कि सरकार रिटायर्ड लोगों को दोबारा रोजगार दिया जा रहा हैं जिससे उनकी तैयारी का कोई मतलब नहीं रह जाता हैं। सरकार नई भर्ती करे या युवा को मार दे गोली भर्तियां ना आने से परेशान युवक ने कहां कि सरकार या तो नई भर्तियां कराए या उन्हें गोली मार दे। इसी मांग को लेकर वो आज शिमला में इकट्ठे हुए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सामने भर्तियां निकालने की मांग कर रहे है लेकिन अगर सरकार भर्तियां नही निकालती तो आगामी समय में प्रदेश का युवा शिमला में सचिवालय का घेराव कर चक्का जाम कर देंगे।

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