हिमाचल प्रदेश के मंडी की पराशर घाटी में जमीन धंसने से नीचे बागी नाला ने फिर कहर बरपाया है। यहां फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब 200 मीटर सड़क तबाह हो गई। नाले में पानी के तेज बहाव के चलते बागी नाला सड़क लगभग पंद्रह मीटर गहरी खाई बन गई है। जबकि नाले में पानी का तेज बहाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में विभाग को रेस्टोरेशन कार्य शुरू करना चुनौती बना हुआ है। जिस तरह के हालात यहां बने हैं। उन्हें देखते हुए राहत कार्य शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। महकमे को सभी तरह के सेफ्टी मेजर ध्यान में रखते हुए कदम उठाना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जब तक नाले में जलस्तर कम नहीं होता। रेस्टोरेशन कार्य शुरू करना संभव नहीं है। नाले में बनी गहरी खाई को भरने के लिए भारी मशीनरी से ही कार्य हो सकता है। ऐसे में बड़ी पोकलेन मशीन मंगवाई गई है। जलस्तर कम होने के बाद ही यहां राहत कार्य शुरू होने की संभावना है। कई गांवों में उपजाऊ जमीन को नुकसान उधर, पराशर में लगातार हो रहे भूमि कटाव से बाढ़ा, नन्हणी, कलवाड़, कालंग, सुरंग, मंडाह और रेहड़ बंबोला आदि गांव के किसानों की उपजाऊ जमीन का भी नुकसान हुआ है। जबकि सुरक्षा को लेकर स्थानीय ग्रामीण खासे चिंतित हैं। लोगों ने बताया कि बागी नाला हर साल बरसात में कहर बरपाता आया है। इस साल बरसात में कई बार मार्ग बंद हुआ। लेकिन महकमा तुरंत मार्ग बहाल कर लोगों को राहत पहुंचा रहा था।लेकिन इस बार बिगड़े हालातों से महकमे के लिए कार्य शुरू कर पाना ही चुनौती बन गया है। सड़क को बहाल करने बुलाई मशीनरी अधिशाषी अभियंता विनायक कश्यप ने कहा कि सड़क को बहाल करने के लिए भारी मशीनरी मंगवाई गई है। नाले का जलस्तर कम होते ही राहत कार्य शुरू किया जाएगा। बहरहाल नाले का जलस्तर ज्यादा होने से यहां राहत कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि सड़क को अस्थाई रूप से बहाल करने के बाद यहां वैलीब्रिज का निर्माण किया जाए। गत वर्ष हुई भारी बरसात से यहां करोड़ों रुपए की लागत से बना बागी पुल बाढ़ में बह गया था। इस साल बरसात में सड़क मार्ग बंद होते ही महकमा मशीनरी लगाकर सड़क मार्ग बहाल कर लोगों को तुरंत राहत पहुंचा रहा था। लेकिन अब फिर बाढ़ आने से यहां महकमे को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। ऐसे में पर्यटकों और आम लोगों को राहत पहुंचाना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।