हिमाचल प्रदेश में मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों पर हमले का मामला सामने आया है। हमले में एक डाक्टर घायल हो गया, जबकि अन्य ने भागकर अपनी जान बचाई। यह हमला कॉलेज परिसर में उस समय हुआ जब शनिवार की रात की ड्यूटी पर तैनात कुछ प्रशिक्षु चिकित्सक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर टहल रहे थे। इस दौरान हमलावर कार में आए थे और मरीज बनकर मेडिकल कॉलेज परिसर में घुस गए। जिससें मुख्यद्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड भी चकमा खा गए। हमलावरों ने प्रशिक्षु चिकित्सक की पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी। इस हमले के दौरान, प्रशिक्षु चिकित्सकों ने एक हमलावर को पकड़ लिया, जबकि तीन अन्य फरार हो गए। घटना से गुस्साए ट्रेनी डाक्टरों ने हमलावरों की गाड़ियां तोड़ दीं। घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी। सीसीटीवी में कैद हुए हमलावर बताया जा रहा है कुछ शरारती तत्वों की गतिविधियां महिला ट्रेनी डाक्टरों के छात्रावास के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा में भी कैद हुई हैं। कॉलेज प्रबंधन इन शरारती तत्वों की पहचान करने के प्रयास में जुटा है। सुरक्षा की इस चूक के बाद, ट्रेनी डाक्टरों ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। बल्ह पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार अन्य हमलावरों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी हमलावर लोकल है तथा उनमें से एक युवक अस्पताल का वार्ड बॉय भी बताया जा रहा है। इस तरह की वारदात को अंजाम देने के पीछे इनका क्या मकसद था पुलिस इसकी बारिकी से जांच कर रही है। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद डॉक्टरों में भारी रोष है। इस घटना ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। और वे कॉलेज प्रबंधन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।