शिमला के आई.जी.एम.सी. अस्पताल के आर के एस कर्मचारी 6 घंटे की पेन डाउन हड़ताल पर चले गए है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए और सैलरी भी बढ़ाई जाए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ गयी है। अस्पताल में मरीजों की पर्चियां बनना बन्द हो गई है, जिससे मरीजों को इलाज कराने में दिक्कत आ रही है। पर्ची काउंटर के बाहर सुबह से लंबी लाइन लगी है। शिमला के चलोंठी से इलाज के लिए IGMC पहुंची वर्षा ने कहा कि वो कई घंटों से पर्ची बनाने के लिए लाइन में खड़ी है, लेकिन अभी तक तक नंबर नही आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हड़ताल के बारे में जानकारी नही थी। अस्पताल में पहुंचे मरीजों के मुताबिक वे लोग दूर दराज के इलाकों से इलाज कराने पहुंचे हैं। ऐसे में वे बिना इलाज कराए घर नहीं जा सकते हैं। ओपीडी और नियमित टेस्ट बनने वाली पर्चियां नहीं बन रही
आर के एस कर्मचारियों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं के लिए एक काउंटर चलता रहेगा। लेकिन ओपीडी और नियमित टेस्ट के लिए बनने वाली पर्चियां पूरी तरह बंद रहेगी। आईजीएमसी में रोजाना औसतन 3500 से ज्यादा पर्चियां बनती है। दो दिन की सरकारी छुट्टी के बाद आज अस्पताल खुलने से ज्यादा भीड़ नजर आ रही है। पहले भी कर चुके हैं हड़ताल
कर्मचारी हड़ताल कर चुके है तब मुख्यमंत्री से आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। इसके बाद मांगे ना माने जाने पर कर्मचारियों ने एक बार फिर 15 दिनों का अल्टीमेटम अस्पताल प्रशासन को दिया था। लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद कर्मचारियों ने 2 सितंबर तक 6 घंटे की दो बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक पर जाने का फैसला किया है। कर्मचारियों ने कहा कि दो सितंबर तक अगर अस्पताल प्रशासन कोई निर्णय नहीं लेता तो वे पूरे दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे।

Spread the love

By