हिमाचल प्रदेश के चंबा के वन मंडल चुराह के दायरे में आने वाली तीसा रेंज में फर्जी हस्ताक्षर कर 14 लाख रुपए की गड़बड़ी करने का मामला बीते वर्ष सामने आया था। मामले की DFO चुराह ने अपने स्तर पर जांच की तो पाया कि KFW के तहत गठित सोसायटी के प्रधान को सूचित किए बगैर बदल दिया गया बैंक में उसके हस्ताक्षर भी बदल दिए गए। इसके बाद संबंधित सोसायटी के बैंक खाते से 14 लाख रुपए निकाले गए। वन मंडलाधिकारी चुराह ने जांच रिपोर्ट को सीएफ कार्यालय चंबा में प्रेरित किया। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सीएफ ने फॉरेस्ट गार्ड और ब्लॉक आफिसर (बीओ) को नोटिस जारी कर जवाबदेही तलब की। संतोषजनक जवाब नहीं पाए जाने पर दोनों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। मामले की पुष्टि सीएफ चंबा अभिलाष दामोदरन ने की है। फर्जी हस्ताक्षर कर निकलो रुपए हैरान करने वाली बात है कि जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कर सोसायटी के खाते से निकाली गई 14 लाख रुपए की राशि का अपने बैंक खाते में ऑनलाइन लेनदेन किया गया। यह बात और है कि शिकायत में एक और वन कर्मचारी का नाम शामिल था, लेकिन प्रथम जांच रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल दो कर्मचारियों पर ही कार्रवाई की गई है। वन मंडल चुराह की बात करे तो आए दिन फॉरेस्ट डिवीजन चुराह में अवैध कटान के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन हैरानी तो तब हुई जब सरकारी कर्मचारियों ने सरकारी नियमों व कायदों को नजरअंदाज करते हुए भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। यह तो विभाग के पास इस पूरे मामले की शिकायत के रूप में जानकारी पहुंची वरना भ्रष्टाचार का यह पूरा खेल सफलतापूर्वक खेला जाता। उधर, वन विभाग का कड़ा रूख देकर पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया। लोगों का कहना है कि आखिरकार विभाग ने यह कदम उठाकर भ्रष्टाचार का खेल रोकने को प्रभावी व सराहनीय कदम उठाया है।

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