हिमाचल प्रदेश के समेज में आई प्राकृतिक आपदा ने पूरे गांव को खत्म कर दिया। लेकिन इस स्कूल की होनहार लड़कियों द्वारा कुछ दिन पहले बैडमिंटन में जीती गई ट्रॉफी क्षतिग्रस्त स्कूल भवन की दूसरी मंजिल पर सुरक्षित है। यह ट्रॉफी आपदा के बाद समेज पहुंचने वाले हर व्यक्ति को स्कूल के उन 9 होनहार छात्रों की याद दिला रही है, जो बुधवार आधी रात से लापता हैं। समेज स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली जिया, राधिका, अदिति, अंजलि और उनके सहपाठी अरुण भी इस हादसे में लापता हैं। 9वीं कक्षा की छात्रा आरुषि और 6वीं कक्षा की छात्रा योगप्रिया का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। उनके परिजन और रिश्तेदार समेज खड्ड पर नजर रखे हुए हैं, जो डरावनी आवाज के साथ बह रही है। 36 लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीदें कम परिजन किसी चमत्कार का इंतजार कर रहे हैं कि वे सुरक्षित मिल जाएं। लेकिन मलबे में दबे इन बच्चों समेत सभी 36 लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीदें धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं, क्योंकि हादसे को करीब 40 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक समेज में एक भी व्यक्ति का सुराग नहीं मिल पाया है। यहां सिर्फ एक व्यक्ति का कटा हुआ शरीर का अंग मिला है। हालांकि, बचाव दल सर्च ऑपरेशन में जुटा हुआ है। रामपुर में समेज से सुन्नी तक करीब 85 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। माना जा रहा है कि लोग पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। इसलिए समेज में उनके मिलने की संभावना कम है।