हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीपीसीबी) ने प्रदेश के कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में दो उद्योगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एचपीपीसीबी ने सिम्बायोसिस फार्मा पर 42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि साईं टेक दवा उद्योग की बिजली काटने के निर्देश दिए हैं। एचपीपीसीबी के पर्यावरण अभियंता अतुल परमार ने बताया कि सिम्बायोसिस फार्मा के सैंपल ढाई से तीन साल से लगातार फेल हो रहे थे। इसे देखते हुए फैक्ट्री प्रबंधन को बार-बार नोटिस दिए गए। लेकिन उद्योग प्रबंधन ने एक बार भी जवाब नहीं दिया। एक्सपायरी दवाइयों से भरा ट्रैक्टर नदी में फेंकते पकड़ा गया अतुल परमार ने बताया कि एचपीपीसीबी के सहायक अभियंता ने सिम्बायोसिस फार्मा को एक्सपायरी दवाइयों से भरा ट्रैक्टर नदी में फेंकते हुए पकड़ा है। एसडीओ की रिपोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के आधार पर 42 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बोर्ड की कार्रवाई से उद्योग प्रबंधन में हड़कंप अतुल परमार ने बताया कि साई टेक कंपनी के भी तीन सैंपल फेल हुए है। इसे देखते हुए बिजली बोर्ड को साई टेक की बिजली काटने के निर्देश दिए गए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस कार्रवाई से उद्योग प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। दोनों दवा उद्योग एक ही व्यक्ति के बताए जा रहे हैं। NGT के आदेशों पर कार्रवाई बता दें कि औद्योगिक क्षेत्रों की नदियों व खड्डों के सैंपल बार बार फेल हो रहे हैं। इससे कई नदियों का पानी पीने लायक तो दूर खेतीबाड़ी में प्रयोग करने लायक भी नहीं बचा। इसे लेकर NGT कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी फटकार लगा चुका है। NGT के आदेशों पर प्रदेश की सभी नदियों व खड्डों में पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए HPPCB ने एक्शन प्लान बना रखे है और इस पर कार्रवाई जारी है। दवा उद्योगों पर की गई कार्रवाई भी इसी का हिस्सा है।