एनडीए को लेकर सवाल उठ रहे थे कि क्या गठबंधन के सभी दल एक साथ आ पाएंगे। इसके पीछे की वजह यह रही कि इस बार भाजपा को केवल 240 सीटें मिली है। जबकि 2014 में 282 और 2019 में 303 सीटें अकेले भाजपा ने अपने दम पर जीती थी, जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा थी।
एनडीए को लेकर सवाल उठ रहे थे कि क्या गठबंधन के सभी दल एक साथ आ पाएंगे। इसके पीछे की वजह यह रही कि इस बार भाजपा को केवल 240 सीटें मिली है। जबकि 2014 में 282 और 2019 में 303 सीटें अकेले भाजपा ने अपने दम पर जीती थी, जो बहुमत के आंकड़े से ज्यादा थी।