तेजस्वी ने जितनी रैलियां की उसमें दो ही चेहरे दिखे, एक उनका खुद का और दूसरा मुकेश सहनी का। उनकी रैलियों में भीड़ जरूर उमरी लेकिन वो वोट में तब्दील नहीं हो पाई।


तेजस्वी ने जितनी रैलियां की उसमें दो ही चेहरे दिखे, एक उनका खुद का और दूसरा मुकेश सहनी का। उनकी रैलियों में भीड़ जरूर उमरी लेकिन वो वोट में तब्दील नहीं हो पाई। 

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