पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में लोकसभा चुनाव 2024 की गजट नोटिफिकेशन कल जारी होगा। मंगलवार, 7 मई से नॉमिनेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 14 मई तक उम्मीदवार अपना नामांकन भर सकेंगे। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दो राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में लोकसभा चुनाव की गजट नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही माहौल गरमाने लगेगा। चुनाव आयोग की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार देश में आचार संहिता 16 मार्च से लागू हो गई थी। जारी शेड्यूल के अनुसार, गजट नोटिफिकेशन 7 मई मंगलवार को जारी किया जाना है। इसके बाद साथ ही पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में नॉमिनेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नॉमिनेशन करने की अंतिम तारीख 14 मई है। 15 मई, बुधवार को नॉमिनेशन की स्क्रूटनी की जाएगी। रीजैक्शन के बाद बचे हुए उम्मीदवार 17 मई शुक्रवार तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। देखें- 7वें चरण में चुनाव का शेड्यूल 1 जून काे अंतिम चरण में वोटिंग, 4 को मतगणना पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में वोटिंग एक साथ आखिरी चरण में निर्धारित की गई है। 17 मई को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के दो सप्ताह बाद 1 जून को मतदान होगा। जिसके तीन दिन बाद 4 जून को वोटों की मतगणना की जानी है। 18 सीटों पर 359 उम्मीदवार उतरे थे मैदान में पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की बात करें तो यहां क्रमश: 13, 4 और 1 सीटों पर लोकसभा चुनाव होते हैं। 2019 लोकसभा चुनावों में पंजाब की 13 सीटों की बात करें तो नोमिनेशन वापस लिए जाने के बाद 278 लोग चुनावी मैदान में उतरे थे। वहीं, हिमाचल की बात करें तो वहां 4 सीटों पर 45 उम्मीदवार मैदान में थे। इसी तरह चंडीगढ़ की एक मात्र सीट से 36 उम्मीदवार मैदान में थे। DC होते हैं मुख्य निर्वाचन अधिकारी जिले के डिप्टी कमिश्नर (DC) को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी दी जाती है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान जिले के DC नोटिफिकेशन जारी करके सभी को सूचित करते हैं। जिसके बाद उम्मीदवार जिलाधिकारी कार्यालय में DC के समक्ष नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन दाखिल करके ही उम्मीदवार चुनाव आयोग के समक्ष अपनी उम्मीदवारी सुनिश्चित करते हैं। स्क्रूटनी में रद्द हो सकता है नामांकन नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले ही दिन तीनों राज्यों व केंद्रीय शासित प्रदेश में सभी सीटों पर DC की देखरेख में स्क्रूटनी कमेटी दाखिल उम्मीदवारों के एफिडेविट चेक करती है। उम्मीदवार के सभी दस्तावेजों की जांच में कुछ भी संदिग्ध लगता है तो चुनाव आयोग उस उम्मीदवार की उम्मीदवारी भी कैंसिल कर सकता है। इसमें खास बात यह है कि वही व्यक्ति उम्मीदवार बन सकता है, जिसका नाम वोटर लिस्ट में हो। देश की राजनीतिक पार्टियां अपने उम्मीदवार घोषित करती है और अपने सिंबल पर चुनाव मैदान में उतारती हैं। वहीं, आजाद उम्मीदवारों को चुनाव आयोग सिंबल प्रदान करता है। पंजाब- हिमाचल प्रदेश- चंड़ीगढ़ –