हिमाचल की राजधानी शिमला में अभी मौसम सुहावना है, लेकिन इसके उलट यहां लोकसभा चुनाव के चलते सियासत तप गई है। शिमला लोकसभा सीट पर पिछले 3 चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को मात दी है। इस बार हार का सिलसिला तोड़ने के लिए सत्ता में बैठी कांग्रेस ने 6 बार के सांसद रहे केडी सुल्तानपुरी के विधायक बेटे विनोद सुल्तानपुरी को मौका दिया है। वहीं बीजेपी ने फिर से सुरेश कश्यप पर दांव खेला है। पिछले चुनाव में सुरेश कश्यप ने कांग्रेस के धनीराम शांडिल को 3 लाख 27 हजार 515 वोटों से हराया था। इस बार सुरेश कश्यप के प्रति लोगों में नाराजगी दिखी, लेकिन PM मोदी के नाम की चर्चा भी है। हालांकि लोगों का कहना है कि पिछले चुनावों के मुताबिक मोदी मैजिक कम है। भाजपा मोदी के नाम पर वोट मांग रही है। यहां बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। उज्जवला योजना पर भी लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। लोगों ने कहा कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है। कांग्रेस कैंडिडेट की छवि ठीक हैं। हालांकि बेरोजगारी के मुद्दे पर सत्ता में बैठी कांग्रेस भी घिरती दिख रही है। इस सीट में पड़ने वाले 17 विधानसभा में से 13 में अभी कांग्रेस विधायक जीते हुए हैं, जबकि 3 पर BJP और 1 निर्दलीय विधायक है। सोलन जिला की 5 विधानसभा सीटों पर BJP का एक भी विधायक नहीं है। इसी तरह सिरमौर जिला की 5 में से 2 सीटों पर बीजेपी के विधायक है। शिमला जिला की 7 में से 6 सीटों पर कांग्रेस विधायक जीते हुए हैं। शिमला जिला में बीजेपी के पास इकलौती चौपाल सीट है, जबकि शिमला जिला की रामपुर सीट मंडी संसदीय हलके का हिस्सा है। शिमला संसदीय क्षेत्र में साल 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP की करारी हार हुई है। यह हार लोकसभा चुनाव में बीजेपी का कमजोर पक्ष मानी जा रही है। कांग्रेस के गढ़ में भाजपा की सेंध
शिमला लोकसभा सीट परंपरागत तौर पर कांग्रेस का गढ़ रही है। मगर 2009, 2014 और 2019 के तीन चुनाव में लगातार कांग्रेस की हार हुई है। शिमला से आखिरी बार साल 2004 में कांग्रेस के धनीराम शांडिल सांसद बने थे। 2009 और 2014 में BJP के वीरेंद्र कश्यप और 2019 में सुरेश कश्यप सांसद चुने गए। इस सीट पर 1957 से अब तक 17 बार चुनाव हुए। इनमें 13 बार कांग्रेस, 3 बार BJP और एक बार भारतीय लोक दल का सांसद चुना गया है। लोकसभा क्षेत्र की स्थिति 3 पॉइंट से समझें उज्जवला के 22620 लाभार्थी ने एक बार भी नहीं भराया सिलेंडर
हिमाचल में उज्जवला योजना के तहत 1,46,034 लाभार्थी हैं। सोलन जिला में 13599, सिरमौर जिला में 11,971 और शिमला जिला में 4,843 लाभार्थी है। रामपुर विधानसभा के लाभार्थी को कम किया जाए तो शिमला में लगभग 4043 लाभार्थी बचते हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र में लगभग 29 हजार लाभार्थी है। मगर इनमें से लगभग 15 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंने एक बार भी सिलेंडर को रिफिल नहीं करवाया। इसकी वजह सिलेंडर का महंगा होना बताया जा रहा है। इससे लोग मुफ्त सिलेंडर पर सवाल उठा रही है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में उज्जवला योजना के 22,620 लाभार्थी (15.48%) ऐसे हैं, जो एक बार भी उज्जवला योजना का सिलेंडर रिफिल नहीं करवा पाए। उज्जवला योजना के सभी लाभार्थियों ने अप्रैल 2023 से दिसंबर 2023 तक यानी 9 महीने में 4,40,041 रिफिल करवाए हैं। औसत एक लाभार्थी ने 9 महीने में तीन सिलेंडर रिफिल करवा रहा है। बहुत से लाभार्थी ऐसे भी हैं जो साल में एक या दो सिलेंडर ही रिफिल करवा पा रहे हैं। शिमला सीट पर ग्राउंड में क्या हालात हैं, यह जानने दैनिक भास्कर लोगों के बीच पहुंचा…. बस में जानी लोगों की राय… राकेश बोले- मुफ्त सिलेंडर का फायदा नहीं
सिरमौर जिला के शिलाई निवासी राकेश ने बताया कि सरकार ने फ्री सिलेंडर तो जरूर दिए, लेकिन इनकी कीमत आसमान छू रही है। इससे गरीब आदमी इन्हें रिफिल नहीं करवा पा रहा। गरीब आदमी 1100 रुपए से ज्यादा का सिलेंडर कैसे रिफिल करवाएगा। केंद्र सरकार ने दूध और दही पर भी जीएसटी लगा दिया है। राशन व सब्जियां खरीदनी मुश्किल हो गई हैं। पुष्पा बोली- महंगाई के कारण सिलेंडर रिफिल नहीं करवा पाए
शिलाई की गृहिणी पुष्पा ने बताया कि उन्हें मुफ्त सिलेंडर जरूर मिला था, लेकिन महंगाई के कारण दोबारा नहीं भरवा पाए। कमलेश बोले- बच्चे बोल रहे हम तो नोटा में वोट देंगे
सोलन जिला के सुबाथू निवासी एवं फैक्ट्री में काम करने वाले कमलेश कुमार ने बताया कि उनके बच्चे पढ़ाई में अच्छे थे। उन्होंने बच्चों को अच्छे से पढ़ाया-लिखाया। मगर नौकरी नहीं मिल रही। इसलिए बच्चे बोल रहे हैं कि हम तो नोटा में वोट देंगे। सरकार युवाओं को रोजगार नहीं पा रही। चौधरी बोले- सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी का वादा पूरा नहीं कर पाए PM
शिमला के रहने वाले NS चौधरी ने बताया कि पिछले दो चुनाव की तरह इस बार मोदी फैक्टर नहीं रहेगा, क्योंकि जिस तरह के वादे किए गए वो पूरा नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि इंपोर्ट बढ़ने से सेब को बहुत नुकसान हुआ है। इसलिए सेब भी बड़ा मुद्दा बनेगा, क्योंकि प्रधानमंत्री ने 2014 में यहां के बागवानों से किया इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का वादा अब तक पूरा नहीं किया। इससे हिमाचल का सेब उद्योग संकट में आ गया है। जितेंद्र बोले- सिटिंग MP आपदा में बुलाने पर भी नहीं पहुंचे
कसौली निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि सिटिंग MP पांच साल तक एक बार भी फील्ड में नहीं आए। आपदा में उन्होंने कई बार फोन करके बुलाया। फिर भी वह नहीं आए। लिहाजा इन चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बनने वाला है। इसलिए वह जनता से अपील करेंगे कि ऐसा नेता चुने जो सबकी सुने। उन्होंने माना कि मोदी लहर जरूर चलेगी, लेकिन मोदी के नुमाइंदे लोगों के बीच पांच साल नहीं आए। इसलिए जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। राजेंद्र ने कहा- मोदी के नाम पर वोट मांग रहे कश्यप
कसौली निवासी राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि सीटिंग MP सुरेश कश्यप पांच साल में जनता के बीच नहीं आए और अब अपने लिए नहीं मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार मोदी लहर नहीं लग है। आपदा के वक्त केंद्र ने हिमाचल की आर्थिक मदद नहीं की। राजजानी बोले- केवल BPL को मिला केंद्र की योजनाओं का लाभ
जोणजी निवासी वृद्ध महिला राजरानी ने बताया कि केंद्र की योजनाओं का उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि बीपीएल वालों को कुछ न कुछ फायदा जरूर हो जाता है। रुज्वल ने कहा- बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा
फस्ट टाइम वोटर रोहड़ू की रुज्वल ने बताया कि बेरोजगारी चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा है। नेता चुनाव के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, मगर वो वादे पूरे नहीं किए जाते हैं। चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाना चाहिए। सोनू बोले- PM ने सराहनीय काम किया, लेकिन MP ने कुछ नहीं किया
जोणजी के रहने वाले सोनू गुप्ता ने बताया कि PM मोदी ने सराहनीय काम किया है, लेकिन मोदी के नुमाइंदे एवं सीटिंग MP ने कुछ भी काम नहीं किए। इसलिए शिमला लोकसभा में कांग्रेस का पलड़ा भारी लग रहा है। सुरेश कश्यप अपने लिए वोट नहीं मांग रहे, बल्कि मोदी जी के लिए वोट मांग रहे हैं। कश्यप को इस बार मोदी जी के नाम पर भी वोट नहीं मिलेगा। मीरा बोली- मोदी ने गरीबों को राशन, घर, नल-लाइट दी
कसौली निवासी मीरा शर्मा ने बताया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र की सरकार बनाएंगे। मोदी ने घर-घर राशन, नल, लाइट पहुंचाई। मकान बनाकर दिए। उन्होंने गरीबों की सहायता की है, जबकि वह सीटिंग MP सुरेश कश्यप को जानते तक नहीं हैं। निमित ने कहा- कांग्रेस का पलड़ा भारी
कारोबारी निमित ने बताया कि सीटिंग MP कश्यप विकास के नाम पर बिग जीरो हैं। वह क्षेत्र में बिल्कुल भी विकास कार्य नहीं करवा पाए। जो काम करेगा, वहीं राज करेगा। इसलिए उन्हें अभी कांग्रेस का पलड़ा भारी लग रहा है। हालांकि वह मोदी के 10 साल के कार्यकाल से प्रभावित हैं। जो पच्छाद विधानसभा के सरांह निवासी है।। ब्रम्हानंद बोले- मोदी से बड़ी उम्मीदें थे, अब तक पूरी नहीं कर पाए
ठियोग के बलग निवासी ब्रम्हानंद पांडे ने बताया कि किसान और आवाम का भला न जवाहर लाल नेहरू ने किया और न ही इंदिरा गांधी कर पाईं। अटल बिहारी वाजपेयी भी वादा कर चले गए। पीएम मोदी से भी बड़ी उम्मीदें थी। अब तक तो नहीं कर पाए। शायद आगे कर लें। हिमाचल में राम मंदिर, हिंदू-मुस्लिम जैसे मसले चुनाव में मुद्दा नहीं है। मानसिंह ने कहा- शिमला ग्रामीण से कांग्रेस का बोलबाला
शिमला के देवला निवासी मान सिंह गुलशन ने बताया कि 2014 और 2019 की तरह इस बार मोदी लहर नहीं लग रही। उनके चुनाव क्षेत्र शिमला ग्रामीण से कांग्रेस का बोलबाला रहेगा। उनके विधायक विक्रमादित्य सिंह ने अच्छा काम किया है। इसलिए कांग्रेस का पलड़ा भारी लग रहा है। उन्होंने बताया कि सीटिंग MP के काम पर असंतोष जाहिर किया। योगेश ने कहा- महंगाई-बेरोजगारी बड़ा मुद्दा
सुन्नी के रहने वाले योगेश ने बताया कि बेरोजगारी और महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है। युवाओं से किए गए रोजगार के वादे अब तक पूरे नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि हिंदू-मुस्लिम व राम मंदिर के बजाय लोकल मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाना चाहिए। क्षेत्र में कांग्रेस का पलड़ा भारी लग रहा है। राम सिंह बोले- आर्थिक हालत में कोई सुधार नहीं हुआ
सोलन के ममलीग निवासी राम सिंह ने बताया कि 2014 की तुलना में अभी किसानों की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया। गरीब आदमी परेशान है। उन्होंने माना कि केंद्र की कुछ योजनाओं का लाभ जरूर जनता को मिल रहा है। राज ने कहा- केंद्र की योजनाओं का मिला फायदा
राजकुमार ने बताया कि केंद्र की उज्जवला योजना, पीएम आवास जैसी योजनाओं का लाभ मिला है। उन्हें भी उज्जवला योजना के तहत LPG गैस कनेक्शन मिला है। इससे लोकसभा चुनाव में वोटर इन योजनाओं को देखते हुए वोट करेगा। राजकुमार अर्की के रहने वाले है। दिनेश बोले- पानी-सड़क जैसे मुद्दे पर देंगे वोट
कसौली निवासी दिनेश कुमार-अनिल कुमार ने बताया कि पानी-सड़क जैसे मुद्दे पर वोट करेंगे। शिमला लोकसभा में अभी मोदी लहर की वजह से बीजेपी का पलड़ा भारी लग रहा है। सड़कों में टारिंग की जगह मिट्‌टी से गड्डों को भरा जा रहा है। रमेश ने कहा- हिंदू-मुस्लिम का हिमाचल में नहीं कोई असर
कुनिहार निवासी रमेश ने बताया कि उन्हें मुकाबला बराबरी का लग रहा है। प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों का कोई असर नहीं रहेगा। कुनिहार निवासी नीरज ने बताया कि बेरोजगारी और महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार की तुलना में केंद्र सरकार ज्यादा बेहतर काम कर रही है। परविंदर बोले- अभी 50-50 है मुकाबला
नाहन के रहने वाले परविंदर सिंह ने बताया कि शिमला लोकसभा में मुकाबला अभी 50-50 है। उन्होंने बताया कि नाहन में मुस्लिम समाज कांग्रेस को सपोर्ट कर रहा है। इसी वजह से विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी राजीव बिंदल की हार हुई थी। हालांकि बिंदल ने नाहन में अच्छे काम करवाए है। चंद्र कुमार ने कहा- कांग्रेस ने हमे पेंशन दी
नाहन निवासी कृषि विभाग से रिटायर्ड चंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें अभी कांग्रेस का पलड़ा भारी लग रहा है। कांग्रेस ने कर्मचारियों की पेंशन दी है। बीजेपी से उन्हें कोई फायदा नहीं मिला है। लक्षिता बोली- विनोद सुल्तानपुरी की छवि अच्छी
सोलन निवासी लक्षिता ने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी का पलड़ा भारी लग रहा है। उनका मिलनसार व्यक्तित्व है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल में बदलाव तो हुआ, लेकिन महंगाई बेरोजगारी चरम पर है। क्या कहते हैं पार्टियों के नेता.. मंत्री नेगी बोले- इस बार PM के जुमले चलने वाले नहीं
कांग्रेस सरकार में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जुमले इस बार चलने वाले नहीं है। न केवल शिमला बल्कि प्रदेश की चारों सीटें कांग्रेस जीतने वाली है। देश की सीमा सुरक्षित नहीं है। महंगाई, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी चरम पर है। शिमला सीट पर भाजपा के सांसद पांच साल तक कहीं नजर नहीं आए। उन्हें जगह-जगह पर जनता का रोष झेलना पड़ रहा है। भाजपा ने कहा- मोदी के नाम पर मांगा जाएगा वोट
भाजपा के मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने बताया कि पार्टी ने सुरेश कश्यप को सोच समझ कर प्रत्याशी बनाया है। सुरेश कश्यप ने दूसरे चरण का दौरा शुरू कर दिया है। उनका कैंपेन अच्छा चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने शिमला संसदीय क्षेत्र के IIM जैसे सुंदर इंस्टीट्यूट, मेडिकल कालेज नाहन, रेणुका बिजली बांध, ग्रीन कॉरिडोर, एस्ट्रोटर्फ जैसे प्रोजेक्ट शिमला को दिए है। इसलिए मोदी के नाम पर वोट मांगा जाएगा। इसमें कुछ गलत नहीं है।

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