हिमाचल में मार्च के बाद अप्रैल में भी नॉर्मल से 5 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। एक मार्च से 30 अप्रैल तक नॉर्मल से 16 प्रतिशत ज्यादा बादल बरसे है। आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की माने तो आज प्रदेश के अधिक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। दो और तीन अप्रैल को प्रदेशभर में मौसम पूरी तरह साफ रहने का पूर्वानुमान है। चार अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर एक्टिव होगा। इससे अगले तीन दिन तक बारिश के आसार बन रहे है। इसे देखते हुए आंधी व तूफान चलने की चेतावनी दी गई है। अप्रैल में 67.3% बारिश मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल में इस बार 67.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि नॉर्मल बारिश 64 फीसदी होती है। इस दौरान कुल्लू जिला में नॉर्मल से 47 प्रतिशत ज्यादा और चंबा में 28 फीसदी अधिक बारिश हुई है। सीजन में 16 प्रतिशत ज्यादा बरसे बादल इसी तरह एक मार्च से 30 अप्रैल तक इस बार 205.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस अवधि में 177.4 मिलीमीटर बारिश होती है। यानी इस बार अब तक समर सीजन में नॉर्मल से 16 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। मुश्किल में किसान-बागवान हिमाचल में बार बार बारिश की वजह से किसान-बागवान मुश्किल में है। किसान गेंहू की पक कर तैयार फसल नहीं काट पा रहे हैं और ठंड बढ़ने व ओलावृष्टि के कारण सेब पर संकट मंडरा रहा है। खराब मौसम की वजह से कई क्षेत्रों में इस बार सेब की बहुत कम फसल बताई जा रही है, जबकि अधिक ऊंचे क्षेत्रों में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग चली हुई है। ऐसे में सेब के साथ साथ गेंहू के लिए भी मौसम का साफ होना जरूरी है।