हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के हमीरपुर और कांगड़ा लोकसभा सीटों के टिकट पर कल दिल्ली में फैसला संभावित है। दिल्ली में कल कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की मीटिंग प्रस्तावित है। इसके लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री कल सुबह दिल्ली जा सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि CEC में कांगड़ा और हमीरपुर लोकसभा सीट के टिकट पर मुहर लग सकती है। विधानसभा के छह सीटों पर टिकट के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल कांगड़ा में कांग्रेस ब्राह्मण नेता एवं सीटिंग MLA आरएस बाली पर दांव खेलना चाह रही है। मगर बाली चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं लग रहे। उन्होंने तीन दिन पहले ही पार्टी हाईकमान को एक पत्र भी भेजा है, जिसमें उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए इनकार तो नहीं किया, लेकिन बाली ने पत्र में चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए है। आशा का इसलिए कट सकता है टिकट वैसे कांगड़ा सीट पर दो बार की मंत्री एवं छह बार की विधायक आशा कुमारी को टिकट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मगर आशा चंबा जिला से संबंध रखती हैं और कांगड़ा संसदीय हलके में चंबा जिला की मात्र चार विधानसभा सीटें है, जबकि कांगड़ा जिला की 13 सीटें उनके संसदीय हलके में पड़ती है। यही वजह है कि कांग्रेस नेता कांगड़ा जिला से संबंध रखने वाले किसी व्यक्ति को प्रत्याशी बनाना चाह रहे हैं। कांगड़ा में जगजीवन और डा. राजेश भी दावेदारों की रेस में इसी वजह से पूर्व विधायक जगजीवन पाल का नाम भी टिकट दावेदारों की रेस में गिना जा रहा है। बागी जगजीवन पाल की कुछ दिन पहले ही पार्टी में वापसी हुई हैं और वह कांगड़ा जिला के सुलह से संबंध रखते हैं। आरएस बाली नहीं माने तो आशा कुमारी और जगजीवन पाल में से किसी एक को टिकट मिल सकता है। कांगड़ा में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस डा. राजेश शर्मा पर भी दांव खेल सकती हैं। अचानक आस्था का नाम आया आगे केंद्रीय चुनाव समिति की पिछली मीटिंग हमीरपुर लोकसभा सीट पर अचानक डिप्टी सीएम की बेटी आस्था अग्निहोत्री का नाम आगे आया था। सूत्र बताते हैं कि सोनिया गांधी ने BJP के अनुराग ठाकुर के सामने सशक्त उम्मीदवार उतारने की बात कही थी। इसके बाद आस्था अग्निहोत्री को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो गई थी। मगर आस्था ने बीते 19 अप्रैल को सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव लड़ने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है, क्योंकि वह अभी अपनी मां सिम्मी अग्निहोत्री के निधन के गम से बाहर निकल रही है। आस्था की न के बाद रायजादा का टिकट पक्का लिहाजा हमीरपुर में अब पूर्व विधायक सत्तपाल रायजादा का ही नाम टिकट दावेदारों की रेस में बचा है। ऐसे में हमीरपुर से सत्तपाल रायजादा का टिकट लगभग फाइनल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी दो सप्ताह पहले ही रायजादा को प्रत्याशी बनाने के संकेत कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की जनसभा में दे दिए थे। अब इनके टिकट पर CEC में अंतिम फैसला होगा।