चैत्र नवरात्रि 2024 आज यानी मंगलवार से शुरू हो गए है। देवभूमि हिमाचल के सभी शक्तिपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतारे लगी हुई है। ज्वालाजी, बालासुंदरी, श्री नयनादेवी, चिंतपूर्णी, तारादेवी, ब्रजेश्वरी, हाटेश्वरी सहित प्रदेशभर में माता के सभी मंदिरों में सुबह तीन-चार बजे से ही भक्त दर्शन को पहुंच रहे हैं। प्रदेश के शक्तिपीठों में न केवल स्थानीय लोग बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। खासकर श्री नयना देवी और चिंतपूर्णी मंदिर में पड़ोसी राज्यों से काफी श्रद्धालु सुबह से ही आ रहे हैं। देवभूमि के मंदिरों को नवरात्र के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन चल रहा है। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए रात 2 बजे ही खोल दिए गए है। यहां दोपहर 12 से 12:30 बजे तक और रात 12 से 2 बजे तक मंदिर दर्शन के लिए बंद रहेंगे। 3 दिन 24 घंटे खुले रहेंगे ज्वालाजी के कपाट चिंतपूर्णी और ब्रजेश्वरी मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे और चामुंडा व ज्वालाजी मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे खुले। ज्वालाजी मंदिर के कपाट सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन 24 घंटे खुला रहेंगे। CCTV व ड्रोन से असामाजिक तत्व व जेबकतरों पर नजर मंदिरों में नवरात्र पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। श्री नयनादेवी और ज्वालाजी मंदिर CCTV के अलावा ड्रोन से भी असामाजिक तत्व, जेबकतरों पर नजर रखने के साथ साथ सारी गतिविधियों देखी जा रही है। माता चिंतपूर्णी मंदिर में 350 से ज्यादा पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। उधर, सिरमौर के मशहूर त्रिलोकपुर स्थित महामाया बालासुंदरी मंदिर परिसर में सुबह 4 बजे से भक्त पहुंचने शुरू हो गए। मंदिर में अभी भक्तों की लंबी कतारे लगी हुई है। चिंतपूर्णी, ब्रजेश्वरी, श्री नयना देवी, ज्वालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए QR कोड स्कैन करके भी दान देने की व्यवस्था की गई है। शक्तिपीठों को चलाई जा रही अतिरिक्त बसें सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बसें चलाने का निर्णय लिया है, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में कोई परेशान न हो। शिमला के तारादेवी मंदिर के नवरात्र के दौरान प्राइवेट वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने HRTC की अतिरिक्त बसें चलाई है।