शंभू बॉर्डर पर आंदोलन की अगुआई कर रहे पंजाब के किसान नेता सरवण सिंह पंधेर समेत 4 किसान नेताओं को तमिलनाडु में गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को ही किसान नेता सरवण सिंह पंधेर, गुरमीत सिंह मांगट, मनजीत सिंह राय व हरविंदर सिंह मसानिया तमिलनाडु पहुंचे थे। यहां रविवार को जिला कोयंबटूर में पुलिस ने चारों किसानों को गिरफ्तार कर लिया। किसान यहां केंद्र सरकार का पुतला फूंक रहे थे। इससे पहले ही पुलिस ने किसान नेताओं को रोक दिया। इसको लेकर पंधेर की तमिलनाडु के साथ बहस भी हुई। बता दें कि पंजाब के युवा किसान शुभकरण की मौत के बाद हरियाणा-पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर शांतिप्रिय प्रदर्शन कर रहे किसान अब नवदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन तेज करने जा रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा एवं किसान-मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसान आज 7 अप्रैल को हरियाणा-पंजाब समेत देशभर में केंद्र सरकार का विरोध-प्रदर्शन करके पुतला फूंके गए। पंधेर के तमिलनाडु में प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… हरियाणा के अंबाला में किसान अनाज मंडी से अर्थी यात्रा निकालते हुए कोर्ट चौक पहुंचे। यहां सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री और हरियाणा सीएम का पुतला फूंका। यही नहीं, किसानों ने 9 अप्रैल को शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक को अनिश्चित काल के लिए जाम करने का ऐलान किया है,जिसके बाद से रेलवे के साथ-साथ आमजन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अगर किसान रेलवे ट्रैक पर बैठते हैं तो दिल्ली से पंजाब आने वाली काफी ट्रेनें प्रभावित होंगी। 5 किसान नेताओं की रिहाई की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) एवं किसान-मजदूर मोर्चा के आह्वान पर 13 फरवरी से किसान आंदोलन चल रहा है। पुलिस ने कई किसान नेताओं को गिरफ्तार भी किया। किसानों का कहना है कि 10 फरवरी के बाद से हरियाणा में सैकड़ों किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनमें से 5 किसान नेता अब भी जेल में हैं। रविंदर सिंह और अमरजीत सिंह 13 फरवरी से, अनीश खटकड़ 19 मार्च से जींद जेल में बंद हैं। 28 मार्च को अंबाला पुलिस ने युवा किसान नेता नवदीप सिंह जलबेहड़ा और गुरकीरत सिंह को गिरफ्तार किया। 3 दिन के रिमांड के बाद से अब वे अंबाला सेंट्रल जेल में हैं। किसान आंदोलन-2 के 55 दिन बीते, नहीं निकला समाधान
विदित हो कि 13 फरवरी से शुरू हुए किसान आंदोलन को 55 दिन बीत चुके हैं। 13, 14 और 21 फरवरी को दिल्ली कूच के लिए टकराव हुआ, जिसमें कई पुलिस कर्मचारियों समेत सैकड़ों किसानों को चोटें आई। किसान हरियाणा-पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। शुरुआती दौर में हुई 4 बार की वार्ता में भी सहमति नहीं बनी है। किसान MSP की गारंटी का कानून बनाने समेत अन्य कई मांगों पर अड़े हुए हैं। अब तक सरकार के साथ हुई 4 दौर की वार्ता विफल रही। किसान उसी दिन से हरियाणा-पंजाब के शंभू, खनौरी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में डटे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय पहलवान बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत गायक रेशम सिंह अनमोल समेत कई संगठन समर्थन दे चुके हैं। किसानों के मुताबिक, किसान आंदोलन के दौरान अब तक 18 की मौत मौत हो चुकी हैं। इनमें 3 पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। 21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर गोली लगने से युवा किसान शुभकरण की मौत हुई थी। जिसके बाद किसानों ने हरियाणा-पंजाब में अस्थि कलश यात्रा निकाली थी, जिसका 31 मार्च को अंबाला की मोहड़ा अनाज मंडी में समापन हुआ था।