हिमाचल में दो दिन की धूप खिलने के बाद मौसम दोबारा करवट बदलेगा। पहाड़ों पर कल से अगले पांच दिन तक बारिश-बर्फबारी होगी। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में इसी सप्ताह बेक टू बेक दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (WD) एक्टिव हो रहे हैं। इससे पहाड़ों पर 6 अप्रैल तक बारिश बर्फबारी की संभावना है। IMD की माने तो पहला WD आज रात एक्टिव होगा। इससे कल और परसो प्रदेश के मैदानी इलाकों को छोड़कर मध्यम व अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी होगी। दूसरा WD 5 अप्रैल को एक्टिव होगा। इससे अगले 48 घंटे तक प्रदेशभर में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। इन जिलों में बर्फबारी का पूर्वानुमान इस दौरान चंबा, कुल्लू और लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे इलाकों में फिर से बर्फबारी हो सकती है, जबकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। 3 से 5 अप्रैल तक कुछेक स्थानों पर तूफान और आसमानी बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में सात अप्रैल से मौसम साफ होने का अनुमान है। अप्रैल में भी सर्दी से राहत नहीं अप्रैल माह में भी बारिश-बर्फबारी से पहाड़ों पर गर्मी का एहसास नहीं हो पा रहा। आलम यह है कि शिमला, कुल्लू, चंबा, मंडी, किन्नौर, लाहौल स्पीति और कांगड़ा जिला के भी कुछेक क्षेत्रों में अभी भी सुबह साम सर्दी जैसी ठंड है। यही वजह है कि पहली अप्रैल को भी केलांग का तापमान माइनस 3.4 डिग्री, कुकुमसेरी का माइनस 1.9 डिग्री और कल्पा का 1.4 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम चल रहा है। बारिश-बर्फबारी से डरे सेब बागवान मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने सेब बागवानों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि मैदानी इलाकों में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग शुरू हो गई है। इस दौरान बारिश-बर्फबारी और तापमान का गिरना खतरनाक साबित हो सकता है। मार्च में नॉर्मल से 24 फीसदी ज्यादा बारिश प्रदेश में मार्च महीने में भी नॉर्मल से 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। आमतौर पर मार्च में 113 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 140 मिलीमीटर बादल बरसे है।

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