हिमाचल प्रदेश में साल 2017 के विधानसभा चुनाव में सुजानपुर से राजेंद्र राणा ने प्रेम कुमार धूमल को धूल चटाई थी। BJP से टिकट मिलने के बाद कांग्रेस के बागी राणा आज उन्हीं धूमल का आशीर्वाद लेने उनके घर पहुंचे। राजेंद्र राणा ने पांव छूकर प्रेम कुमार धूमल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान बड़सर से कांग्रेस के बागी एवं BJP में शामिल हो चुके इंद्रदत्त लखनपाल भी साथ मौजूद रहे। प्रेम कुमार धूमल से राजेंद्र राणा की मुलाकात आज प्रदेशभर में चर्चा का कारण बनी हुई है। कभी प्रेम कुमार धूमल के ही चेले रहे राजेंद्र राणा ने 2012 में इंडिपेंडेंट सुजानपुर से चुनाव लड़ा और चुनाव जीत गए। साल 2017 में कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार विधायक चुने गए। तब भाजपा हाईकमान ने प्रेम कुमार धूमल की हमीरपुर सीट बदलकर उन्हें सुजानपुर से चुनाव लड़ाया। इससे धूमल कभी अपने ही चेले रहे राणा से चुनाव हार गए, जबकि उस दौरान भाजपा हाईकमान ने प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर रखा था। चुनाव हारने पर जयराम ठाकुर हिमाचल के मुख्यमंत्री बने। सुजानपुर से साल 2022 में भाजपा ने कैप्टन रणजीत सिंह को टिकट दिया। तब प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राजेंद्र राणा को हराने और कैप्टन रणजीत सिंह को जिताने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाया। फिर भी राणा 400 से कम मतों से चुनाव जीत गए। मंत्री नहीं बनने पर कांग्रेस से बागी हुए राणा राणा की लगातार तीसरी जीत और धूमल को हराने वाले चेहरे का हिमाचल में मंत्री बनना तय माना जा रहा था। मगर मुख्यमंत्री सुक्खू ने राणा को मंत्री नहीं बनाया। इससे राणा कांग्रेस से बागी हो गए और अब BJP का दामन थाम चुके हैं। धूमल परिवार का आशीर्वाद जरूरी खासकर हमीरपुर में धूमल परिवार के समर्थन के बगैर BJP नेताओं के लिए राजनीति अधूरी मानी जाती है। इसलिए राणा आज धूमल का आशीर्वाद लेने पहुंचे। वहीं पार्टी हाईकमान के आदेशों पर धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर ने खुद ही राजेंद्र राणा सहित 9 विधायकों को पार्टी में एंट्री दिलाई है।

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