हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के छह बागियों को टिकट देने के बाद भाजपा में बगावत खुलकर सामने आ रही है। धर्मशाला में सुधीर शर्मा को पार्टी टिकट मिलने के दूसरे ही दिन 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी राकेश चौधरी ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। राकेश चौधरी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें चाय से मक्की की तरह बाहर फेंका है। उन्होंने कहा कि यदि समर्थक कहेंगे के चुनाव लड़ना है तो वह निर्दलीय भी चुनाव लड़ेंगे। यदि किसी पार्टी से ऑफर आता है तो भी चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने माना कि कांग्रेस से भी उन्हें चुनाव लड़ने का ऑफर है। जाहिर है कि कांग्रेस के बागी सुधीर शर्मा की धर्मशाला में राह आसान रहने वाली नहीं है। राकेश चौधरी ने पार्टी छोड़ दी है। वह धर्मशाला में मजबूत OBC नेता माने जाते हैं और 2022 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। किशन कपूर के तेवर भी पार्टी को अच्छा संकेत नहीं चौधरी की तरह कांगड़ा से सीटिंग MP एवं धर्मशाला से पूर्व विधायक किशन कपूर भी सुधीर की एंट्री को नहीं पचा पा रहे हैं। सुधीर शर्मा को लेकर उनके तेवर भी कड़े हैं। किशन कपूर ने बताया कि सभी संभावनाएं उनके समक्ष हैं। वह पार्टी वर्कर से मीटिंग कर रहे हैं। जल्द कोई फैसला ले लेंगे। मारकंडा और कालिया पहले दे चुके इस्तीफा राकेश चौधरी से पहले लाहौल स्पीति में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक-मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा भी इस्तीफा देकर इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। गगरेट से राकेश कालिया ने भी भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस ने बागियों ने राज्यसभा चुनाव में किया था क्रॉस वोट दरअसल, भाजपा ने कांग्रेस के छह बागियों को टिकट दिया है। इसी तरह पार्टी में शामिल तीन इंडिपेंडेंट MLA को भी टिकट देने का भरोसा दिया गया है। इन्होंने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट दिया था। पार्टी ने इसके रिवार्ड के तौर सभी छह बागियों को विधानसभा उप चुनाव का टिकट दे दिया है। इससे पार्टी में खुलकर बगावत हो रही है।